

बागपत। पुरा महादेव स्थित परशुरामेश्वर महादेव मंदिर के सामने स्थित आरकेजी धर्मशाला में श्रद्धालुओं एवं शिवभक्तों की सेवा के लिए विगत 44 वर्षों से निरंतर भंडारे की पावन परंपरा चली आ रही है। इस सेवा परंपरा का शुभारंभ स्वर्गीय राजकुमार गोयल (भट्टे वाले) द्वारा किया गया था। पिताश्री के निधन के पश्चात उनके सेवा भाव, संस्कारों एवं समाज के प्रति समर्पण को अपना मार्गदर्शक मानते हुए श्री दिनेश कुमार गोयल द्वारा इस पावन परंपरा को पूरी श्रद्धा एवं समर्पण के साथ निरंतर आगे बढ़ाया जा रहा है। भंडारे में बागपत के सांसद राजकुमार सांगवान एवं बागपत वैश्य समाज के प्रमुख नेता अभिमन्यु गुप्ता ने सम्मिलित होकर श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया और सेवा कार्य में सहभागिता की। इस अवसर पर उपस्थित गणमान्य लोगों एवं समाजसेवियों ने शिवभक्तों की सेवा की। इस अवसर पर श्री दिनेश कुमार गोयल ने कहा कि ह्लयह भंडारा केवल भोजन वितरण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि मेरे पूज्य पिताजी की पुण्य स्मृति और उनके सेवा संस्कारों को जीवित रखने का संकल्प है। पिताजी आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके द्वारा शुरू की गई सेवा आज भी हजारों शिवभक्तों तक पहुंच रही है। यही उनके प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने बताया कि भंडारे का आयोजन चार दिनों तक प्रतिदिन सुबह 8 बजे से रात्रि 1 बजे तक निरंतर किया जाता है। इस दौरान दूर-दराज से आने वाले कांवड़ियों एवं श्रद्धालुओं के लिए भोजन, जलपान एवं आवश्यक सेवा-सुविधाओं की व्यवस्था की जाती है। उन्होंने कहा कि बाबा भोलेनाथ की कृपा से 44 वर्षों से चली आ रही यह सेवा परंपरा आने वाली पीढ़ियों तक निरंतर जारी रहे, यही संकल्प है। सेवा, श्रद्धा, संस्कार और मानवता की भावना को समाज में मजबूत करना ही इस पावन आयोजन का उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि ह्लपिताजी द्वारा शुरू की गई सेवा को आगे बढ़ाना मेरे लिए जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सौभाग्य और बाबा भोलेनाथ का आशीर्वाद है।

