- राहत एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं का लिया जायजा, प्रभावितों को वितरित की राहत सामग्री
- अधिकारियों को दिए राहत कार्य तेज करने के निर्देश
गाजियाबाद। कनावनी अग्निकांड में प्रभावित परिवारों से राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार असीम अरूण द्वारा शनिवार को प्रभावित परिवारों से मुलाकात करके प्रशासन के द्वारा किये गये सुरक्षा व्यवस्था आदि का जायजा लिया गया। प्रभावित परिवार से मुलाकात करने के दौरान मौके पर जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉदड़, अपर पुलिस आयुक्त पुलिस कनिश्नरेट राज करन नैययर, डीसीपी सिटी धवल जायसवाल, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) सौरभ भट्ट, उपजिलाधिकारी सदर गाजियाबाद अरूण दीक्षित, पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट गाजियाबाद अभिषेक श्रीवास्तव सहायक, तहसीलदार सदर रितेश कुमार सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी संदीप कुमार तथा अन्य विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ अन्य सहयोगी संस्थायें व व्यापार मण्डल के पदाधिकारी उपस्थित रहे। हादसा स्थल पर एवं आर्य समाज विद्यापीठ में प्रभावित व्यक्तियों हेतु खाने-पीने एवं पानी के टैंकरों की पर्याप्त व्यवस्था पायी गयी तथा अग्निकांड के दिनांक से प्रशासन द्वारा प्रभावित व्यक्तियों को खाना, पीने का पानी, चिकित्सा सुविधा एवं रहने हेतु व्यवस्थित शेल्टर होम की समुचित व्यवस्था उपलब्ध करायी गयी है। राज्यमंत्री के द्वारा उक्त मुलाकात के दौरान अग्निकाण्ड में लगभग 286 प्रभावित परिवारों में से लगभग 100 परिवार जिनका चूल्हा आदि लगा हुआ, को रिलिफ किट का वितरण किया गया तथा शेष बचे व्यक्तियों को रिलीफ किट उपलब्ध कराया जायेगा। उपरोक्त स्थल पर नगर निगम गाजियाबाद से कुल 11 पानी के टैंकर लगे हुये हंै। प्रभावित व्यक्तियों में से लगभग 50 परिवारों के आधार कार्ड एवं बैंक पासबुक के आधार पर उनको एकमुश्त धनराशि 5000/- रुपए प्रति व्यक्ति उनके खाते में भेजी गयी। इसके अतिरिक्त मौके पर पर्याप्त मात्रा में सुरक्षा व्यवस्था कायम है। इसके अतिरिक्त यह भी अवगत कराना है कि मंत्री के द्वारा प्रभावित व्यक्यितों से मुलाकात के दौरान जिलाधिकारी गाजियाबाद को राहत कैम्प शिविर की संख्या बढ़ाये जाने हेतु निर्देशित किया गया। पानी के टैंकर की संख्या बढ़ाये जाने हेतु निर्देशित किया गया। राहत कार्य में प्रगति लाये जाने हेतु निर्देशित किया गया। सभी प्रभावितों परिवारों का चिकित्सा उपचार कराये जाने हेतु निर्देशित किया गया। राहत कार्य की समस्त व्यवस्थायें सुचारू रूप से पूर्ण कराये जाने हेतु मजिस्ट्रेट/नोडल अधिकारी नामित किये जाने हेतु निर्देशित किया गया। सभी प्रभावितों के जल्द से जल्द पूनरवासन किए जाने हेतु निर्देशित किया गया।





