- शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समयबद्ध एवं पारदर्शी रूप से पहुंचाया जाएं: प्रभारी मंत्री
- जनसुरक्षा एवं जनसुविधा पर दिया जाएं विशेष ध्यान
- निर्माणाधीन एवं क्षतिग्रस्त सड़कों के कार्यों में गुणवत्ता एवं समयबद्धता बनाए रखें
- अभियान के तहत 70+ के सभी लोगों के बनाएं जाएं आयुष्मान कार्ड:
गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह को जनपद गाजियाबाद का प्रभारी मंत्री बनाया है, प्रभारी मंत्री बनने के उपरांत उनका गाजियाबाद में प्रथम आगमन हुआ। प्रभारी मंत्री के विकास भवन पहुंचने पर गार्ड आफ आनर देकर उन्हें सम्मानित किया गया।
दुर्गावती देवी सभागार विकास भवन में प्रभारी मंत्री धर्मपाल सिंह की अध्यक्षता व सांसद अतुल गर्ग, महापौर सुनीता दयाल, विधायक डॉ. मंजू सिवाच, विधायक नन्द किशोर गुर्जर, जिला पंचायत अध्यक्ष ममता त्यागी, भाजपा महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल, भाजपा जिलाध्यक्ष चैनपाल सिंह सहित सीपी जे.रविन्द्र गौड़, जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़, एड.सीपी केशव कुमार चौधरी, सीडीओ कुमार सौरभ, सचिव जीडीए विवेक मिश्र सहित अन्य गणमान्य की गरिमामयी उपस्थित में बैठक आहूत हुई। बैठक से पूर्व सीपी जे.रविन्द्र गौड़, जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़, सीडीओ कुमार सौरभ, परियोजना निदेशक प्रदीप पाण्डेय सहित अन्य अधिकारियों द्वारा प्रभारी मंत्री एवं अन्य गणमान्य अतिथियों को पुष्प भेंट कर, शॉल ओढ़ाकर एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
बैठक के दौरान प्रभारी मंत्री धर्मपाल सिंह ने जनपद के समग्र एवं संतुलित विकास के दृष्टिगत विभिन्न विभागों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समयबद्ध एवं पारदर्शी रूप से पहुंचाया जाए। उन्होंने विद्युत विभाग को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा विद्युत संबंधी शिकायतों का त्वरित निस्तारण करने के निर्देश दिए। नगर निगम को स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने, नियमित साफ-सफाई, जल निकासी व्यवस्था तथा नागरिक सुविधाओं के प्रभावी संचालन हेतु आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को निर्माणाधीन एवं क्षतिग्रस्त सड़कों के कार्यों में गुणवत्ता एवं समयबद्धता बनाए रखने तथा जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के लिए निर्देशित किया गया। पुलिस विभाग को जनपद में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने, अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने तथा अपराधियों के विरुद्ध कठोर एवं निरंतर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित एवं सुरक्षित बनाए रखने, प्रमुख मार्गों पर यातायात जाम की समस्या के निराकरण हेतु प्रभावी प्रबंधन करने तथा सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति आमजन को जागरूक करने के निर्देश भी प्रदान किए गए। माननीय प्रभारी मंत्री ने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा एवं सुगम यातायात व्यवस्था प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं, जिसके लिए सभी संबंधित अधिकारी समन्वित एवं सक्रिय रूप से कार्य करें। वन विभाग एवं उद्यान विभाग को अधिकाधिक वृक्षारोपण, हरित क्षेत्र के विस्तार तथा पर्यावरण संरक्षण संबंधी गतिविधियों को जनसहभागिता के माध्यम से व्यापक स्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए गए। स्वास्थ्य विभाग को आमजन को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने, स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक दवाओं एवं चिकित्सकीय संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा संचारी रोगों की रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाने हेतु निर्देशित किया गया। इसके साथ 70+ आयु के लोगों का आयुष्मान कार्ड बनाये जाने हेतु अभियान के तहत कार्य करने हेतु निर्देशित किया, उन्होने कहा कि इस कार्य में जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय लोगों का भी सहयोग लिया जाएं। पूर्ति विभाग को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत खाद्यान्न वितरण व्यवस्था को पारदर्शी एवं प्रभावी बनाए रखने तथा पात्र लाभार्थियों को समय से राशन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। पशुपालन एवं दुग्ध विकास विभाग को पशुपालकों के हित में संचालित योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए अधिकाधिक लाभार्थियों को लाभान्वित करने तथा दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ), परियोजना निदेशक, जिला विकास अधिकारी सहित अन्य विभागीय अधिकारियों को विकास कार्यों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में आपसी समन्वय स्थापित करते हुए निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करने तथा शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए गए।
बैठक के अंत में 0प्रभारी मंत्री द्वारा दुग्ध विकास /पराग डेरी के कलस्टर के अन्तर्गत श्रीमती निर्मला देवी, श्रीमती पुष्पा देवी, श्रीमती सुनीता, श्रीमती रूबी, श्रीमती मीनू, श्रीमती शालिनी, श्रीमती शहीदा, श्रीमती वकीला, श्रीमती कमलेश को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।

