गाजियाबाद। रालोद के राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय वीर सिंह एडवोकेट ने कहा कि गन्ना नियन्त्रण आदेश 2026 को केंद्र सरकार द्वारा वापस लिया जाना एक स्वागत योग्य कदम है । रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष व केन्द्रीय कोशल विकास एवं उधमशिलता मंत्री चौधरी जयंत सिंह के निरंतर प्रयासों से और किसानों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का परिणाम है कि केंद्र सरकार ने गन्ना किसानों व खांडसारी उद्योग के हित में इस गन्ना नियन्त्रण आदेश 2026 के मसौदे को वापिस लेने का निर्णय लिया । किसानों, गुड़ व खांडसारी उद्योग से जुड़े लोगों की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार की ओर से लिया गया यह निर्णय स्वागत योग्य कदम है। उन्होंने कहा कि यह किसानों की भावनाओं का सम्मान है क्योंकि किसानों व गुड़ तथा खांडसारी उद्योग से प्राप्त सुझावों व आपत्तियों पर विचार कर केंद्र सरकार ने इस गन्ना नियन्त्रण आदेश पर पुनर्विचार करने का निर्णय लिया है, इससे गन्ना किसानों की आर्थिक स्थिति में सकारात्मक लाभ मिलेगा। रालोद केंद्र सरकार में भागीदारी करते हुए किसानों के हितों में फैसले कराने के लिए प्रतिबद्ध है। गन्ना नियन्त्रण आदेश का पुनर्विचार के लिए वापिस होना रालोद का सरकार में सक्रियता का ही एक परिणाम है। जहां पूर्व में आदेश वापिस किये जाने के लिए बड़े बड़े आंदोलन किये जाते थे वही चौधरी जयंत सिंह ने केंद्र सरकार में किसानों का गम्भीरता से पक्ष रखते हुए यह आदेश वापस कराया है।

