- एआई, वीएलएसआई एवं सेमीकंडक्टर तकनीकों पर हुआ मंथन

गाजियाबाद। केआईईटी मानद विश्वविद्यालय, दिल्ली-एनसीआर, गाजियाबाद में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार अभियांत्रिकी विभाग द्वारा आयोजित 6वें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन इमर्जिंग वीएलएसआई एंड सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी फॉर एआई एंड कंप्यूटिंग एप्लीकेशंस ((EVST-2026)) का भव्य शुभारंभ हुआ। दो दिवसीय इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में देश-विदेश के प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों, शोधकतार्ओं, नीति-निर्माताओं, उद्योग विशेषज्ञों तथा विद्यार्थियों ने भाग लेकर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (ए.आई), वीएलएसआई डिजाइन, सेमीकंडक्टर प्रौद्योगिकी, एम्बेडेड सिस्टम एवं अगली पीढ़ी की कंप्यूटिंग तकनीकों से जुड़े उभरते शोध एवं नवाचारों पर विचार-विमर्श किया।
सम्मेलन को विश्वभर के प्रतिष्ठित संस्थानों से 1,400 से अधिक शोध-पत्र प्राप्त हुए। अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों द्वारा बहु-स्तरीय एवं कठोर समीक्षा प्रक्रिया के उपरांत केवल 166 शोध-पत्रों का चयन किया गया, जिससे सम्मेलन की स्वीकृति दर मात्र 11.4 प्रतिशत रही। यह सम्मेलन की उच्च शैक्षणिक गुणवत्ता एवं वैश्विक प्रतिष्ठा को दशार्ता है। सम्मेलन में अमेरिका, उज्बेकिस्तान एवं भारत सहित अनेक देशों के प्रतिनिधियों तथा भारत के 14 से अधिक राज्यों से आए शोधकतार्ओं एवं प्रतिभागियों ने सहभागिता की।
इस सम्मेलन का तकनीकी सह-प्रायोजन आईईईई उत्तर प्रदेश सेक्शन द्वारा किया गया है, जबकि वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान विभाग ((DSIR)), भारत सरकार, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO), भारत सरकार तथा डिजाइनटेक सिस्टम्स द्वारा वित्तीय सहयोग प्रदान किया गया है। यह सम्मेलन इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन एवं विकसित भारत @2047 के उद्देश्यों के अनुरूप सेमीकंडक्टर एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में अनुसंधान एवं नवाचार को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
सम्मेलन का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इस अवसर पर वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान विभाग (ऊरकफ), विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार के वैज्ञानिक-जी एवं सलाहकार डॉ. विपिन चंद्र शुक्ला मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वहीं कैडेंस डिजाइन सिस्टम्स के लीड एजुकेशन एप्लीकेशन इंजीनियर डॉ. संजीव कुमार तथा भारत स्थित रवांडा उच्चायोग के द्वितीय काउंसलर श्री एमिल म्वेपेसी विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता काईट मानद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नागराज रामाराव ने की। उनके साथ प्रो-वाइस चांसलर डॉ. मनोज गोयल एवं निदेशक (अकादमिक) डॉ. आदेश कुमार पाण्डेय भी मंचासीन रहे।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रो. नागराज रामाराव ने वर्तमान समय में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार अभियांत्रिकी की बहुविषयी प्रकृति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज के दौर में ईसीई इंजीनियरों की भूमिका पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने वीएलएसआई हार्डवेयर, सेमीकंडक्टर चिप डिजाइन तथा एआई आधारित कंप्यूटिंग में हो रही तीव्र प्रगति का उल्लेख करते हुए इसे भविष्य की तकनीकी क्रांति का आधार बताया। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए उन्हें विशेषज्ञों के व्याख्यानों एवं तकनीकी सत्रों से अधिकतम ज्ञान अर्जित करने तथा उसे अपने शोध कार्य में उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। सम्मेलन के जनरल चेयर डॉ. विभव कुमार सचान ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया तथा सम्मेलन की वैश्विक सहभागिता, तकनीकी उत्कृष्टता एवं शोध उपलब्धियों का विस्तृत परिचय प्रस्तुत किया। उद्घाटन सत्र के दौरान EVST-2026 कॉन्फ्रेंस स्मारिका का विमोचन भी किया गया।
अपने संबोधन में डॉ. संजीव कुमार ने सेमीकंडक्टर उद्योग के तेजी से बदलते परिदृश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वीएलएसआई, कंप्यूटिंग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (ए.आई) एवं इंटरनेट आफ थिंग्स का अभिसरण भविष्य की स्मार्ट इलेक्ट्रॉनिक प्रणालियों की आधारशिला है। उन्होंने वैश्विक सेमीकंडक्टर उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप दक्ष मानव संसाधन तैयार करने के लिए उद्योग एवं शिक्षण संस्थानों के बीच मजबूत सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया।



