
गाजियाबाद। आई.टी.एस. मोहन नगर यूजी कैंपस में She Connect – The Women Cell के तत्वावधान में राज्यव्यापी अभियान “आनंदी माँ – एक जीवन बचाओ अभियान (कैंसर मुक्त भारत यात्रा) 2026–27” के अंतर्गत HPV अवेयरनेस सेमिनार का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ के पत्र संख्या सम्बद्धता/ 1864/2026–27 दिनांक 28.07.2026 तथा राजभवन, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के निर्देशों के अनुपालन में आयोजित किया गया। सेमिनार का मुख्य उद्देश्य युवा छात्राओं को सर्वाइकल कैंसर, इसके कारणों, लक्षणों तथा HPV टीकाकरण के माध्यम से इसकी रोकथाम के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम में बताया गया कि सर्वाइकल कैंसर मुख्य रूप से Human Papillomavirus (HPV) संक्रमण के कारण होता है और समय पर टीकाकरण तथा नियमित स्क्रीनिंग के माध्यम से इसे काफी हद तक रोका जा सकता है।
आई.टी.एस. ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स के वाइस चेयरमैन अर्पित चड्ढा ने अपने संदेश में कहा कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता किसी भी स्वस्थ और सशक्त समाज की आधारशिला है। विशेष रूप से युवा छात्राओं के लिए HPV संक्रमण, सर्वाइकल कैंसर तथा उसके बचाव के उपायों के बारे में सही और समय पर जानकारी अत्यंत आवश्यक है। ऐसे जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों में स्वास्थ्य के प्रति जिम्मेदारी और सजगता विकसित करने के साथ-साथ समाज में फैली भ्रांतियों एवं झिझक को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने छात्राओं से अपील की कि वे कार्यक्रम से प्राप्त सही जानकारी को अपने परिवार एवं समाज तक पहुँचाकर जागरूकता की इस मुहिम को आगे बढ़ाएँ और ‘कैंसर मुक्त भारत’ के संकल्प में अपना योगदान दें।
आईटीएस यूजी कैंपस की प्रिंसिपल डॉ. नैंसी शर्मा ने अपने सम्बोधन मे कहा कि आज के इस HPV अवेयरनेस सेमिनार का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि हमें अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक और जिम्मेदार बनाना है। किसी भी गंभीर बीमारी से बचाव में जागरूकता की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यदि हमें बीमारी के कारण, उसके लक्षण, बचाव के उपाय और समय पर जांच की जानकारी हो, तो हम सही समय पर सही कदम उठा सकते हैं। HPV संक्रमण और सर्वाइकल कैंसर के प्रति जागरूकता इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
आई.टी.एस. यूजी कैंपस की अकादमिक डीन डॉ. विदुषी सिंह ने कहा कि HPV एवं सर्वाइकल कैंसर के प्रति जागरूकता, समय पर जांच और बचाव के उपाय महिलाओं के स्वस्थ भविष्य के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने छात्राओं से स्वयं जागरूक रहने और दूसरों को भी जागरूक करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता डॉ. सीमा वार्ष्णेय, स्त्री रोग विशेषज्ञ, साहिबाबाद, गाजियाबाद रहीं। स्त्री रोग के क्षेत्र में 38 वर्षों का अनुभव, जिसमें 32 वर्ष विशेषज्ञ के रूप में, रखने वाली डॉ. वार्ष्णेय ने अपने विशेषज्ञ व्याख्यान के माध्यम से छात्राओं को HPV संक्रमण के प्रसार, सर्वाइकल कैंसर के चेतावनी संकेतों, बचाव के उपायों तथा नियमित स्वास्थ्य जांच के महत्व की जानकारी दी।
विशेषज्ञ सत्र में ऑडियो-विजुअल प्रस्तुति के माध्यम से छात्राओं को HPV से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई। साथ ही, देश में विकसित qHPV वैक्सीन ‘Cervavac’, इसके अनुशंसित आयु वर्ग एवं डोज शेड्यूल के बारे में भी जानकारी दी गई। इसके पश्चात आयोजित इंटरैक्टिव प्रश्नोत्तर सत्र में छात्राओं ने महिलाओं के स्वास्थ्य, HPV संक्रमण, टीकाकरण और स्क्रीनिंग से संबंधित विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञ द्वारा समाधान किया गया।
कार्यक्रम में छात्राओं को महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ी झिझक, भ्रांतियों एवं गलत धारणाओं को दूर करने के लिए प्रेरित किया गया। वक्ता ने छात्राओं से आग्रह किया कि वे स्वयं जागरूक होने के साथ-साथ अपने परिवार एवं समाज में भी स्वास्थ्य संबंधी सही जानकारी का प्रसार करें। इस प्रकार वे ‘कैंसर मुक्त भारत’ के राष्ट्रीय लक्ष्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।इस अवसर पर BBA एवं BCA की छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम का समन्वय प्रो. कनिका टंडन, डॉ नीरजा आनंद, प्रो. अंजलि कुशवाहा, डॉ मोनिका शर्मा एवं प्रो. श्वेता कुमार द्वारा किया गया।

