एशिया पैसिफिक एसडीजी एवं सस्टेनेबिलिटी समिट 2026 का समापन

नई दिल्ली। एनवायरनमेंट एंड सोशल डेवलपमेंट एसोसिएशन (ईएसडीए इंडिया) द्वारा डॉ. भीमराव अम्बेडकर कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय (भारत), विला कॉलेज (मालदीव), त्रिभुवन विश्वविद्यालय (नेपाल) तथा जूलॉजिकल सोसाइटी ऑफ बांग्लादेश के सहयोग से 20 से 22 जून 2026 तक आयोजित एशिया पैसिफिक एसडीजी एवं सस्टेनेबिलिटी समिट 2026 का सफलतापूर्वक समापन हुआ। तीन दिवसीय इस अंतरराष्ट्रीय समिट में एक दिन इंडिया इंटरनेशनल सेंटर, नई दिल्ली में सत्र तथा दो दिन वर्चुअल तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। इस अवसर पर भारत सहित विभिन्न देशों के शिक्षाविद्, वैज्ञानिक, नीति-निर्माता, पर्यावरणविद्, उद्योग विशेषज्ञ, सामाजिक कार्यकर्ता, शोधार्थी, पेशेवर एवं विद्यार्थियों ने भाग लिया। समिट का उद्देश्य सतत विकास लक्ष्यों (SDGs), जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण संरक्षण, जल सुरक्षा, जैव विविधता संरक्षण, सार्वजनिक स्वास्थ्य, नवीकरणीय ऊर्जा तथा सतत विकास से जुड़े मुद्दों पर वैश्विक संवाद एवं सहयोग को बढ़ावा देना था।
समिट का शुभारम्भ इंडिया इंटरनेशनल सेंटर, नई दिल्ली में आयोजित भव्य उद्घाटन समारोह से हुआ, जिसमें पद्मश्री श्री उमा शंकर पाण्डेय, प्रख्यात जल योद्धा एवं समाजसेवी, मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. हामिदा खानुम, अध्यक्ष, जूलॉजिकल सोसाइटी ऑफ बांग्लादेश ने की। विशिष्ट अतिथियों में प्रो. राज कुमार, निदेशक, वल्लभभाई पटेल चेस्ट इंस्टीट्यूट, दिल्ली विश्वविद्यालय; ज्ञानेंद्र रावत, वरिष्ठ पत्रकार एवं पर्यावरणविद्; प्रो. सदा नन्द प्रसाद, प्राचार्य, डॉ. भीमराव अम्बेडकर कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय तथा समिट के संरक्षक; एवं डॉ. जितेन्द्र के. नागर, आयोजन सचिव एवं महासचिव, ईएसडीए इंडिया शामिल रहे। इस अवसर पर समिट की स्मारिका (सोवेनियर) एवं सार-संग्रह (ऐब्स्ट्रैक्ट बुक) का विमोचन किया गया। वक्ताओं ने सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति, पर्यावरण संरक्षण, वैज्ञानिक नवाचार एवं जनभागीदारी की आवश्यकता पर बल दिया।
उद्घाटन समारोह के दौरान तीन प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार भी प्रदान किए गए। एशिया पैसिफिक वाटर कंजर्वेशन लीडरशिप अवार्ड 2026 पद्मश्री उमा शंकर पाण्डेय को सामुदायिक आधारित जल संरक्षण में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रदान किया गया। एशिया पैसिफिक टोबैको सेसेशन लीडरशिप अवार्ड 2026 प्रो. राज कुमार को तंबाकू नियंत्रण एवं लाखों लोगों को तंबाकू मुक्त जीवन की दिशा में प्रेरित करने के लिए प्रदान किया गया। वहीं एशिया पैसिफिक क्लीन एयर टेक्नोलॉजी एक्सीलेंस अवार्ड 2026 ऑटोमोटो जेनसेट सॉल्यूशंस को स्वच्छ वायु प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण अनुकूल नवाचारों के लिए प्रदान किया गया।
तीन दिवसीय समिट के दौरान मुख्य व्याख्यान, आमंत्रित व्याख्यान, विशेषज्ञ परिचर्चाएँ एवं शोध पत्र प्रस्तुति सत्र आयोजित किए गए। प्रमुख वक्ताओं में डॉ. राम बूझ, पूर्व प्रमुख, यूनेस्को पर्यावरण कार्यक्रम एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, मोबियस फाउंडेशन; प्रो. हितेश ए. सोलंकी, गुजरात विश्वविद्यालय; प्रो. आर. के. ठाकुर, जेएनयू जयपुर; डॉ. जावेद इकबाल खान, कश्मीर विश्वविद्यालय; श्री वी. पी. यादव, पूर्व निदेशक, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड; प्रो. हामिदा खानुम, ढाका विश्वविद्यालय; श्री रॉबिन सरकार, शिव नाडर विश्वविद्यालय; तथा डॉ. प्रभोध चन्द्र शर्मा, दिल्ली फार्मास्यूटिकल साइंसेज एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी सहित देश-विदेश के अनेक प्रतिष्ठित विशेषज्ञ शामिल रहे। समिट की एक प्रमुख उपलब्धि यह रही कि इसमें 170 से अधिक शोध पत्रों का प्रत्यक्ष एवं वर्चुअल माध्यम से प्रस्तुतीकरण किया गया, जिनमें सतत विकास, पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन, सार्वजनिक स्वास्थ्य, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन एवं सामाजिक विकास जैसे विविध विषय शामिल थे।
समिट का समापन समारोह पद्मश्री लक्ष्मण सिंह, विश्वप्रसिद्ध जल संरक्षण विशेषज्ञ एवं लापोड़िया जल संरक्षण मॉडल के प्रणेता, के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में डॉ. लोकेश सिंह, सहायक प्रोफेसर, विला कॉलेज, मालदीव एवं उपाध्यक्ष (विदेशी मामले), ईएसडीए इंडिया विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अतिथियों ने सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु वैज्ञानिक नवाचार, सामुदायिक सहभागिता एवं पर्यावरणीय उत्तरदायित्व को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया।
समिट के सफल आयोजन पर अपने विचार व्यक्त करते हुए सस्टेनेबिलिटी समिट 2026 के आयोजन सचिव डॉ. जितेन्द्र के. नागर, प्रोफेसर, पर्यावरण अध्ययन, डॉ. भीमराव अम्बेडकर कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय ने कहा कि आज विश्व जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण, जैव विविधता ह्रास, जल संकट, भूमि क्षरण एवं प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे समय में इस प्रकार के अंतरराष्ट्रीय मंच नीति-निर्माताओं, वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों एवं समाज को एक साथ लाकर समाधान खोजने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2004 से ईएसडीए इंडिया पर्यावरण संरक्षण, जन-जागरूकता, जल संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण एवं सतत विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है तथा प्रतिवर्ष आयोजित वर्ल्ड एनवायरनमेंट समिट एवं अन्य अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम वैश्विक सहयोग को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने विश्व समुदाय से पर्यावरणीय चुनौतियों को गंभीरता से लेने तथा आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया।
आयोजन समिति ने प्रो. दीपाली जैन (संयोजक), डॉ. राजबाला गौतम एवं डॉ. गुंजन गोस्वामी (सह-आयोजन सचिव), डॉ. कोकिला मीणा, प्रो. संजीत सिंह ठाकुर, डॉ. लोकेश सिंह (मालदीव), सुश्री रिया यादव, डॉ. कविता खटाना भाटी, प्रो. मोनिका अहलावत, डॉ. तुलिका संध्या, डॉ. दिलजीत कौर सहित ईएसडीए इंडिया के सभी सदस्यों, डॉ. भीमराव अम्बेडकर कॉलेज के शिक्षकों, कर्मचारियों एवं छात्र स्वयंसेवकों के योगदान की सराहना की। उनके अथक परिश्रम, समर्पण एवं उत्कृष्ट टीमवर्क ने इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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