
गाजियाबाद। आई.टी.एस फिजियोथैरेपी कॉलेज में बी.पी.टी एवं एम.पी.टी पाठ्यक्रम विद्यार्थियों के लिए भूतपूर्व छात्र (एलुमनाई) द्वारा विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन आई.टी.एस-दी एजुकेशन ग्रुप के वाइस चेयरमैन अर्पित चड्ढा के मार्गदर्शन में किया गया।
इस अवसर पर अर्पित चड्ढा ने अपनी शुभकामनाएं एवं आशीर्वाद प्रेषित करते हुए कहा कि विद्यार्थियों के ज्ञान को विकसित करने के लिए ऐसे शैक्षणिक कार्यक्रम अत्यंत महत्वपूर्ण है। संस्थान के पूर्व विद्यार्थी एवं न्यूजीलैंड में कार्यरत फिजियोथेरेपिस्ट डॉक्टर संजय महतो ने कूल्हे के जोड़ के दर्द और उपचार की आधुनिक विधियों पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। डॉ.संजय महतो संस्थान के वर्ष 2011-15 के बी.पी.टी तथा वर्ष 2016-18 के एम.पी.टी के पूर्व विद्यार्थी हैं। उन्होंने खेल एवं मेन्युअल चिकित्सा में स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्राप्त किया है तथा वर्तमान में न्यूजीलैंड स्थित यूनिवर्सिटी आॅफ ओटागो में कार्यरत हैं।
कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के प्रधानाचार्य डॉ. एम. थंगराज एवं डॉ. संजय महतो द्वारा दीप प्रज्जवलन के साथ किया गया। डॉ. महतो ने विद्यार्थियों को समझाया कि कूल्हे की जोड़ की समस्याओं के प्रभावी उपचार के लिए प्रभावित जोड़ पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है बल्कि कमर की रीड सहित शरीर के अन्य अंगों की कार्य प्रणाली एवं उनके संबंधों का भी समझना आवश्यक है। उन्होंने रोगी की स्थिति का उचित आकलन करने उपचार संबंधी निर्णय लेने तथा वैज्ञानिक प्रमाणों पर आधारित चिकित्सा पद्धतियों को अपनाने के महत्व पर चर्चा की। इसके पश्चात उन्होंने विद्यार्थियों के लिए व्यावहारिक अभ्यास सत्र भी आयोजित किया। विद्यार्थियों ने व्याख्यान के दौरान विषय से संबंधित विभिन्न प्रश्न पूछे जिनका डॉक्टर संजय महतो ने सरल एवं विस्तृत तरीके से उत्तर देते हुए उनकी जिज्ञासा और शंकाओं का समाधान किया। डॉ. संजय महतो ने अपने संबोधन के दौरान आई.टी.एस फिजियोथेरेपी कालेज की उत्कृष्ट शैक्षणिक व्यवस्था एवं गुणवत्ता प्रशिक्षण की सराहना की। उन्होंने संस्थान के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यहां प्राप्त शिक्षा, मार्गदर्शन एवं प्रशिक्षण ने उन्हें आज इस मुकाम तक पहुँचने और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। सभी विद्यार्थियों ने आई.टी.एस-द एजुकेशन ग्रुप के वाइस चेयरमैन अर्पित चड्ढा के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।

