- किसान समस्याओं का शीघ्र समाधान न होने पर जिला मुख्यालय पर किया जाएगा प्रदर्शन

गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर। (कृष्ण त्यागी) भारतीय किसान यूनियन “अनाज” से जुड़े अनेक कार्यकर्ताओं ने गौतम बुध नगर जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन किया और मांग की कि ग्रामीण बच्चों को खेल के मैदान की सुविधा उपलब्ध कराई जाए ताकि ग्रामीण क्षेत्र में उभर्ती प्रतिभाओं को आगे आने का अवसर प्राप्त हो सके। यह कहना है किसान यूनियन अनाज के युवा जिला अध्यक्ष कुलदीप नागर का।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार भारतीय किसान यूनियन के जिला पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने गांव में विभिन्न समस्याओं को लेकर जिला मुख्यालय गौतम बुध नगर पर प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी के नाम एक ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा। कार्यक्रम की जानकारी देते हुए भाकियू “अनाज” के युवा जिला अध्यक्ष कुलदीप नागर और जिला उपाध्यक्ष प्रशांत नागर ने बताया कि भारतीय किसान यूनियन “अनाज” के बैनर तले अनेक किसानों ने जिले के ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनकी बुनियादी जरूरत को प्रमुखता से प्रशासन के सामने उठाया और मांग की की जल्द ही किसानों को होने वाली समस्याओं का समाधान कराया जाए, अन्यथा इसके लिए भारतीय किसान यूनियन “अनाज” को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन करना होगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।
जिला उपाध्यक्ष प्रशांत नागर के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में इस समय स्वास्थ्य सेवाओं की भारी कमी है जिससे ग्रामीण काफी परेशान हैं और उन्हें इसी समाधान के लिए शहरों की तरफ भागना पड़ता है, जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक हानि का सामना करना पड़ता है। इसके लिए प्रत्येक गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना होनी चाहिए उन्होंने यह भी बताया कि युवाओं और बच्चों की खेल प्रतिभा को निखारने के लिए गांव में खेल मैदान की भारी कमी है, जिससे ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे खेल कूद में आगे नहीं निकल पा रहे हैं। इसके लिए हर गांव में खेल मैदान की व्यवस्था की जाए।उन्होंने कहा कि खेल प्रतिभाओं का ग्रामीण क्षेत्रों में कोई कमी नहीं है लेकिन कमी है तो उनके लिए खेल के मैदान और खेल सुविधा उपलब्ध कराने की। इसके लिए जिला प्रशासन को अवश्य ध्यान देकर, उचित कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई, बिजली, ग्राम विकास जैसी समस्याएं मुंह बाएं खड़ी है, जिनका समाधान बहुत ही जरूरी है।उनके अनुसार अगर प्रशासन ने जल्द ही जनहित की मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाया तो एक बड़ा आंदोलन करने के लिए उन्हें बाध्य होना पड़ेगा। जिसकी समस्त जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।

