खोड़ा के बाद अब डासना में मदरसे पर हुई कार्रवाई, बुल्डोजर से किया जमींदोज

  • राजस्व ग्राम की सरकारी भूमि पर कब्जा कर बनाया गया था मदरसा
  • कोर्ट के आदेश पर की गई कार्रवाई, भारी पुलिस फोर्स को किया गया था तैनात
  • सरकारी भूमि पर कब्जा व राजस्व में सेंध लगाने वालों के विरुद्ध रहेगा अभियान जारी: जिलाधिकारी
  • अवैध कब्जाधारियों के विरुद्ध नियमानुसार वसूली एवं दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी

गाजियाबाद। मंगलवार को खोड़ा में दो मदरसों को सील करने के बाद जिला प्रशासन और पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए मसूरी डासना में एक मदरसे को बुल्डोजर से ध्वस्त कर दिया। प्रशासन के मुताबिक मदरसे का निर्माण राजस्व ग्राम की सरकारी भूमि पर कब्जा करके किया गया था। कोर्ट के आदेश पर यह कार्रवाई की गई। अवैध रूप से संचालित मदरसों पर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी, जिला प्रशासन एक अभियान के तहत उक्त कार्रवाई को अंजाम दे रहा है। मसूरी में मदरसे पर की गई बुल्डोजर की कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस-फोर्स को तैनात किया गया था। डासना में एक हेक्टयर में बने मदरसे को ध्वस्त कर ग्राम सभा की भूमि कब्जामुक्त कराई गई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के क्रम में सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराने हेतु जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए परगना डासना स्थित ग्राम सभा की भूमि पर निर्मित मदरसा जामिया अरबिया इशातुल इस्लाम को लगभग एक हेक्टेयर भूमि में बनाया गया था जिसमें 7 बड़े कमरे, 2 शौचालय, एक विद्युत कमरा पक्का निर्माण व दो कमरों में टिन शेड डाला हुआ था व अन्य जगह निर्माणाधीन व बाउंड्रीवाल थी को ध्वस्त किया गया।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार ग्राम डासना के खसरा संख्या 1548ख की भूमि राजस्व अभिलेखों में ग्राम सभा/सरकारी भूमि के रूप में दर्ज है। राजस्व विभाग की रिपोर्ट के आधार पर उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 की धारा-67 के अंतर्गत वाद संचालित किया गया। तहसीलदार (न्यायिक)/असिस्टेंट कलेक्टर प्रथम श्रेणी, गाजियाबाद द्वारा पारित आदेश में मदरसा जामिया अरबिया इशातुल इस्लाम को लगभग एक हेक्टेयर भूमि से बेदखल करने तथा 1.23 करोड़ रुपये का हर्जाना वसूलने के निर्देश दिए गए थे। प्रशासन ने बताया कि आदेश के बावजूद कब्जा नहीं हटाया गया और 2025 तक मदरसे का संचालन जारी रखा। इस संबंध में संबंधित संचालक फारूख बेग निवासी दिल्ली के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई है।
एडिशनल पुलिस कमिश्नर राज करन नैय्यर एवं डीसीपी ग्रामीण सुरेन्द्र नाथ तिवारी ने बताया कि अवैध निर्माण और बिना अनुमति संचालित गतिविधियों के संबंध में विधिक कार्रवाई की गई है।
जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ ने कहा कि जनपद में सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराने तथा राजस्व हानि पहुंचाने वाले व्यक्तियों एवं संस्थाओं के विरुद्ध अभियान निरंतर जारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा स्वीकार्य नहीं। उन्होंने कहा कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करने तथा राजस्व को क्षति पहुंचाने वाले व्यक्तियों एवं संस्थाओं के विरुद्ध नियमानुसार वसूली के साथ-साथ दण्डात्मक कार्रवाई भी की जाएगी। कार्रवाई के दौरान जिला प्रशासन, राजस्व विभाग एवं पुलिस विभाग के अधिकारी तथा पर्याप्त संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा।

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