गाजियाबाद, 4 जून 2026: केआईईटी मानद विश्वविद्यालय ने अपने विशेष कार्यक्रम “कल को आकार देना: उद्योग और अंतर्राष्ट्रीय साझेदारियाँ” के माध्यम से नवाचार, उद्योग-आधारित शिक्षा और वैश्विक सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। इस अवसर पर विश्वविद्यालय में तीन अत्याधुनिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का उद्घाटन किया गया तथा प्रमुख अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों और वैश्विक उद्योग संगठनों के साथ समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान किया गया। इस कार्यक्रम में शिक्षा, उद्योग, सरकार और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों से जुड़े कई प्रतिष्ठित अतिथि शामिल हुए। इनमें विनोद सिंह यादव (उप सचिव, यूजीसी), जगदीशा भाट (मार्केट लीडर, आईबीएम टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट लैब्स), फरकान वारसी (पार्टनर, ईवाई इंडिया), विजय वोहरा (वीपी एवं हेड सर्विसेज, एसएपी), राम शर्मा (एसोसिएट डायरेक्टर, एलटीआई), रवि शास्त्री (एमडी, फेस्टो इंडिया), हरीश नाचनानी (हेड, डिडक्टिक), डॉ. अशोकन वासुदेवन (डायरेक्टर, इंटरनेशनल रिलेशंस एंड कोलैबोरेशन्स सेंटर, इंटी इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी, मलेशिया), डॉ. संदीप पी. पाटिल (डायरेक्टर, इंडिया ऑफिस, आरडब्ल्यूटीएच इंटरनेशनल एकेडमी), डॉ. शिवा कुमार (सीटीओ, क्यूएमडी फाउंडेशन, आईआईटी दिल्ली एवं पूर्व निदेशक, डीआरडीओ मुख्यालय), जितेंद्र सिंह (वैज्ञानिक-जी एवं केंद्र प्रमुख, सी-डैक दिल्ली) तथा डॉ. एल. वेंकट सुब्रमण्यम (पूर्व प्रमुख, आईबीएम क्वांटम इंडिया एवं सीईओ, क्यूबिट फोर्स) प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम का नेतृत्व काईट के महासचिव श्री सुनील पी. गुप्ता, कुलपति डॉ. नगराज रामराव, प्रो-वाइस चांसलर डॉ. मनोज गोयल, निदेशक (अकादमिक्स) डॉ. आदेश पांडेय, निदेशक कॉर्पोरेट संबंध और प्लेसमेंट केंद्र डॉ. अभिनव जुनेजा तथा विश्वविद्यालय के सभी डीन, विभागाध्यक्ष, शिक्षकगण, कर्मचारी एवं विद्यार्थियों ने किया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण तीन आधुनिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का उद्घाटन रहा, जिन्हें छात्रों को भविष्य की तकनीकों से जोड़ने और उन्हें उद्योग के अनुरूप कौशल प्रदान करने के उद्देश्य से विकसित किया गया है।
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर क्वांटम कंप्यूटिंग
आईबीएम और सी-डीएसी दिल्ली के सहयोग से स्थापित यह सेंटर छात्रों को किस्किट और क्यूयूनिवर्स जैसे अत्याधुनिक क्वांटम कंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म्स पर सीखने और काम करने का अवसर प्रदान करेगा। यह पहल भारत के नेशनल क्वांटम मिशन के अनुरूप है और छात्रों को भविष्य की अत्याधुनिक तकनीकों में दक्ष बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसी अवसर पर काईट और सी-डीएसी के बीच क्वांटम तकनीकों के क्षेत्र में संयुक्त शोध, फैकल्टी डेवलपमेंट और छात्र प्रशिक्षण को बढ़ावा देने के लिए एक एमओयू भी हस्ताक्षरित किया गया। यह सहयोग IBM के साथ शुरू किए गए क्वांटम कंप्यूटिंग के इंडस्ट्री-इंटीग्रेटेड लर्निंग ट्रैक को भी मजबूती देगा।
एआईसीटीई प्रायोजित आइडिया लैब
विश्वविद्यालय ने एआईसीटीई द्वारा प्रायोजित आइडिया (नवाचार, डिज़ाइन और उद्यमिता अकादमी) लैब का भी उद्घाटन किया। यह लैब नैसकॉम के प्रशिक्षण एवं स्किलिंग सहयोग, क्यूमैंसिस इन्फो सॉल्यूशंस के तकनीकी सहयोग तथाएचसीपी टेक्नोलॉजीज और वोल्ट्रॉन-ईवी के कॉर्पोरेट सहयोग से स्थापित की गई है।यह लैब छात्रों में नवाचार, डिजाइन थिंकिंग, प्रोटोटाइप निर्माण, उद्यमिता और उत्पाद विकास को बढ़ावा देगी। यहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, रोबोटिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, एम्बेडेड सिस्टम्स, प्रोडक्ट डिजाइन और स्मार्ट टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में काम करने की सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
फेस्टो के सहयोग से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन
फेस्टो के सहयोग से स्थापित यह सेंटर छात्रों को इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग सिस्टम्स और इंडस्ट्री 4.0 तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करेगा। इसका उद्देश्य शैक्षणिक शिक्षा और उद्योग की वास्तविक आवश्यकताओं के बीच की दूरी को कम करना तथा छात्रों की रोजगार क्षमता को बढ़ाना है।
अंतरराष्ट्रीय एवं औद्योगिक साझेदारियां


कार्यक्रम के दौरान आयोजित समझौता ज्ञापन विनिमय समारोह ने काईट के वैश्विक शैक्षणिक नेटवर्क और उद्योग सहयोग को नई मजबूती प्रदान की। विश्वविद्यालय ने आरडब्ल्यूटीएच आक्खन विश्वविद्यालय, जर्मनी और इंटी इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी, मलेशिया के साथ औपचारिक साझेदारियां स्थापित कीं। इन सहयोगों के माध्यम से छात्र एवं शिक्षक आदान-प्रदान, संयुक्त शोध परियोजनाएं, वैश्विक शिक्षा के अवसर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ज्ञान साझा करने की नई संभावनाएं विकसित होंगी। इसके अलावा काईट ने आईबीएम, एलएंडटी एडुटेक, एसएपी और ईवाई इंडिया जैसे प्रतिष्ठित उद्योग संगठनों के साथ भी समझौते किए।
इन सहयोगों के माध्यम से विश्वविद्यालय उद्योग-समन्वित बी.टेक और एमबीए कार्यक्रम शुरू करेगा, जिनमें क्वांटम कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग, साइबर सुरक्षा, सेमीकंडक्टर डिज़ाइन, इलेक्ट्रिक वाहन, इंडस्ट्रियल आईओटी, फुल स्टैक डेवलपमेंट, एसएपी क्लाउड एंटरप्राइज़ एप्लिकेशन, फिनटेक और बिज़नेस एनालिटिक्स जैसे उभरते क्षेत्रों में विशेषज्ञता प्रदान की जाएगी। सिलेबस का 30%-35% हिस्सा इन इंडस्ट्री प्रोफेशनल्स द्वारा पढ़ाया जाएगा। इन कार्यक्रमों से जुड़े छात्रों को इंडस्ट्री सर्टिफिकेशन, इंटर्नशिप, प्रायोगिक प्रशिक्षण, उद्योग विशेषज्ञों का मार्गदर्शन और वास्तविक व्यावसायिक एवं तकनीकी चुनौतियों पर काम करने का अवसर मिलेगा। इस अवसर पर काईट मानद विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. नगराज रामराव ने कहा, “उच्च शिक्षा का भविष्य शिक्षा संस्थानों, उद्योग जगत, शोध संगठनों और वैश्विक संस्थानों के बीच सार्थक सहयोग में निहित है। आज शुरू किए गए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और रणनीतिक साझेदारियां हमारे छात्रों को विश्वस्तरीय सीखने के अवसर, उद्योग अनुभव और वैश्विक दृष्टिकोण प्रदान करेंगी। ये पहलें भविष्य के ऐसे पेशेवर तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी जो जटिल चुनौतियों का समाधान करने और नवाचार को आगे बढ़ाने में सक्षम हों।”
तीनों सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का उद्घाटन और राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ हुए रणनीतिक समझौते इस बात को दर्शाते हैं कि काईटअपने छात्रों को वैश्विक स्तर की शिक्षा और कौशल प्रदान करने के साथ-साथ तकनीकी प्रगति, नवाचार आधारित विकास और राष्ट्र निर्माण में सार्थक योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम का समापन प्रेस वार्ता एवं नेटवर्किंग सत्र के साथ हुआ, जिसमें शिक्षाविदों, उद्योग प्रतिनिधियों, अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों, शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों और मीडिया प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

