गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की 173वीं बोर्ड बैठक: गाजियाबाद के सुनियोजित एवं आधुनिक विकास को मिली नई रफ्तार

  • हरनंदीपुरम, एयरोसिटी, एलिवेटेड ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर, बाढ़ सुरक्षा, नई टाउनशिप एवं आवासीय विकास से जुड़े सभी प्रस्ताव सर्वसम्मति से मंजूर

गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की 173वीं बोर्ड बैठक 21 अगस्त 2026 को प्राधिकरण सभागार में अध्यक्ष एवं मेरठ मंडलायुक्त भानु चंद्र गोस्वामी की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में गाजियाबाद के वर्तमान एवं भविष्य के शहरी विस्तार, यातायात व्यवस्था, आवासीय विकास, आधारभूत सुविधाओं, बाढ़ सुरक्षा, निजी पूंजी निवेश तथा योजनाबद्ध टाउनशिप विकास से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। बैठक में प्रस्तुत सभी प्रस्तावों को विस्तृत विचार-विमर्श एवं आवश्यक परीक्षण के उपरांत सर्वसम्मति से अनुमोदित किया गया।
बैठक में जिलाधिकारी गाजियाबाद, उपाध्यक्ष, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण, नगर आयुक्त, नगर निगम गाजियाबाद, अपर/संयुक्त निदेशक कोषागार एवं पेंशन मेरठ मण्डल मेरठ, मुख्य नगर नियोजक ग्राम नियोजक उत्तर प्रदेश लखनउ, चीफ कार्डिनेटर प्लानर एनसीआर सेल गाजियाबाद, संयुक्त आवास आयुक्त उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद मेरठ, डा. केशव त्यागी, एवं पवन गोयल बोर्ड सदस्य एवं सचिव, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण, अपर सचिव, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण, प्राधिकरण के संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे। बैठक में लिए गए निर्णय गाजियाबाद को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप आधुनिक, सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं नागरिक सुविधाओं से युक्त शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
बैठक में गाजियाबाद के सबसे महत्वपूर्ण यातायात सुधार प्रस्तावों में शामिल जीटी रोड पर घंटाघर रामलीला मैदान के सामने से चौधरी मोड़ होते हुए भाटिया मोड़ आधार सेवा केन्द्र तक लगभग 02 किलोमीटर लंबे 04 लेन एलिवेटेड रोड/जीटी रोड ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर के निर्माण से संबंधित प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई।
यह परियोजना शहर के सबसे व्यस्त हिस्सों में यातायात के दबाव को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगी। एलिवेटेड कॉरिडोर बनने से मुख्य यातायात को निर्बाध आवागमन का मार्ग मिलेगा, जिससे यात्रा समय में कमी, यातायात जाम से राहत, ईंधन की बचत तथा प्रदूषण में कमी आने की संभावना है।
परियोजना को Urban Challenge Fund के अंतर्गत वित्तपोषित किए जाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। परियोजना लागत में 50 प्रतिशत हिस्से को बैंक योग्य बनाने के लिए ऋण लेने की सैद्धांतिक स्वीकृति का प्रस्ताव सर्वसम्मति से अनुमोदित किया गया। परियोजना की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए आईआईटी रुड़की से डिजाइन, निर्माण एवं टेस्टिंग तथा स्वतंत्र Third Party Quality Control Agency की व्यवस्था और EPC Mode में कार्य कराने का प्रावधान भी प्रस्तावित है।

हरनंदीपुरम, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम और एयरोसिटी की सुरक्षा के लिए हिंडन किनारे बंधा निर्माण

गाजियाबाद के भविष्य के विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हरनंदीपुरम आवासीय योजना, प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम तथा एयरोसिटी क्षेत्र को बाढ़ से सुरक्षित रखने के लिए हिंडन नदी के दाहिने तट पर बंधा निर्माण संबंधी प्रस्ताव को भी बोर्ड ने सर्वसम्मति से मंजूरी प्रदान की।
यह बंधा भविष्य में विकसित होने वाले इस बड़े शहरी क्षेत्र के लिए सुरक्षा कवच का कार्य करेगा। इससे बाढ़ एवं जलभराव के जोखिम को कम करने के साथ-साथ हरनंदीपुरम, क्रिकेट स्टेडियम एवं एयरोसिटी जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के लिए सुरक्षित एवं टिकाऊ आधारभूत संरचना तैयार करने में मदद मिलेगी।

एयरोसिटी के विकास का मार्ग प्रशस्त, लगभग 541 हेक्टेयर भूमि जुटाने की दिशा में कदम

प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के आसपास मोरटी, अटौर एवं मेवला अगरी गांवों की भूमि पर सुनियोजित एयरोसिटी विकसित किए जाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। भूमि पूलिंग, आपसी सहमति अथवा अधिग्रहण के माध्यम से आवश्यक भूमि जुटाने के विकल्पों से संबंधित प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृतियों का प्रस्ताव सर्वसम्मति से अनुमोदित किया गया। एयरोसिटी का विकास होने पर इस क्षेत्र में आधुनिक आवासीय एवं वाणिज्यिक गतिविधियों के साथ होटल, सेवा क्षेत्र, मनोरंजन, परिवहन और अन्य आर्थिक गतिविधियों के विस्तार की संभावनाएं बढ़ेंगी। इससे बड़े पैमाने पर निवेश और रोजगार के अवसर भी सृजित होने की उम्मीद है।

हरनंदीपुरम आवासीय योजना को मिली निर्णायक गति

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की नई और महत्वाकांक्षी हरनंदीपुरम आवासीय योजना, जिसका प्रस्तावित क्षेत्रफल लगभग 501.2173 हेक्टेयर है, के प्रथम चरण के तलपट मानचित्र की कार्यवाही के लिए अधिग्रहित 47.1612 हेक्टेयर भूमि में से 24.1213 हेक्टेयर भूमि के भू-उपयोग को कृषि से आवासीय किए जाने के प्रस्ताव को बोर्ड द्वारा सर्वसम्मति से अनुमोदित किया गया। हरनंदीपुरम के विकसित होने से गाजियाबाद को एक नया नियोजित आवासीय क्षेत्र प्राप्त होगा, जिसमें आवासीय भूखंडों के साथ सड़क, हरित क्षेत्र, मनोरंजन, सामुदायिक एवं अन्य आवश्यक शहरी सुविधाओं के विकास का मार्ग प्रशस्त होगा। इससे शहर के अनियोजित विस्तार पर नियंत्रण और भविष्य की आवासीय आवश्यकता की पूर्ति में सहायता मिलेगी।

सुशांत एक्वापोलिस में लंबित प्रकरण का नियमानुसार निस्तारण

सुशांत एक्वापोलिस टाउनशिप में विकसित/विकासशील ग्रुप हाउसिंग भूखंड संख्या GH-1 से संबंधित माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के क्रम में प्राप्त प्रत्यावेदन के निस्तारण का प्रस्ताव भी बोर्ड द्वारा सर्वसम्मति से अनुमोदित किया गया।
इससे संबंधित हितधारकों के मामलों का न्यायालयीय आदेशों एवं नियमानुसार निस्तारण सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी तथा परियोजना से जुड़े विकास कार्यों को वैधानिक प्रक्रिया के अनुरूप आगे बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त होगा।

सागा क्रेसेंट पार्क और पार्क टाउन टाउनशिप को समय विस्तार

निजी पूंजी निवेश के माध्यम से विकसित की जा रही सागा क्रेसेंट पार्क इंटीग्रेटेड टाउनशिप तथा पार्क टाउन इंटीग्रेटेड टाउनशिप की परियोजना अवधि बढ़ाने संबंधी प्रस्तावों को भी बोर्ड ने सर्वसम्मति से मंजूरी प्रदान की। सागा क्रेसेंट पार्क के विकासकर्ता मैसर्स सामग कंस्ट्रक्शन लिमिटेड तथा पार्क टाउन के विकासकर्ता मैसर्स यूटिलिटी एस्टेट प्रा. लि. हैं।
परियोजना अवधि विस्तार का उद्देश्य लंबित विकास कार्यों को निर्धारित शर्तों के अधीन पूरा कराना और संबंधित क्षेत्रों में आवासीय एवं आधारभूत सुविधाओं का विकास सुनिश्चित करना है। निर्धारित शुल्क एवं शर्तों के अनुपालन को भी आवश्यक बनाया गया है, जिससे प्राधिकरण के हित सुरक्षित रहें।

राजनगर में आवासीय आवश्यकता के अनुरूप भू-उपयोग परिवर्तन

राजनगर योजना के सेक्टर-5 में स्थित लगभग 3815.65 वर्गमीटर प्राथमिक विद्यालय भूखंड के भू-उपयोग को सार्वजनिक एवं अर्द्ध-सार्वजनिक सुविधा से आवासीय—न्यून घनत्व में परिवर्तित करने तथा तलपट मानचित्र में आवश्यक संशोधन किए जाने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से अनुमोदित किया गया।

शाहपुर बम्हैटा में बड़े स्तर पर टाउनशिप विकास

शाहपुर बम्हैटा में निजी पूंजी निवेश के माध्यम से टाउनशिप विकास को भी बोर्ड ने महत्वपूर्ण गति प्रदान की। मैसर्स यू.एच. रियल्कॉन प्रा. लि. द्वारा उत्तर प्रदेश टाउनशिप नीति-2023 के अंतर्गत लगभग 80.7424 एकड़ (32.675 हेक्टेयर) भूमि पर टाउनशिप विकसित की जा रही है। इसमें कंसोर्टियम/लैंड पूलिंग से प्राप्त 54.6520 एकड़ (22.1174 हेक्टेयर) भूमि के भू-उपयोग को कृषि से आवासीय किए जाने के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई।
इसके साथ ही लगभग 78.77 एकड़ भूमि पर टाउनशिप विकास के लिए DPR/तलपट मानचित्र की स्वीकृति से संबंधित प्रस्ताव भी सर्वसम्मति से अनुमोदित किया गया।
इससे क्षेत्र में नियोजित आवासीय विकास के साथ सड़क, बिजली, जलापूर्ति, जल निकासी, सामुदायिक सुविधाओं एवं अन्य आधारभूत संरचनाओं के विकास को गति मिलेगी और निजी निवेश के माध्यम से रोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों के अवसर बढ़ेंगे।

फिजेंट इन्फ्रास्ट्रक्चर से संबंधित प्रकरण का निस्तारण

मैसर्स फिजेंट इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रा. लि. से संबंधित उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में आवश्यक नियोजन कार्यवाही से जुड़े प्रस्ताव पर भी बोर्ड ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया।

पुलिस सिटी से संबंधित भू-उपयोग परिवर्तन शुल्क का प्रस्ताव

गाजियाबाद महायोजना-2021 के अंतर्गत ग्राम शाहपुर बम्हैटा में स्थित पुलिस सिटी सहकारी आवास समिति लिमिटेड से संबंधित लगभग 16.933 हेक्टेयर भूमि के भू-उपयोग परिवर्तन शुल्क जमा कराए जाने से संबंधित प्रस्ताव को भी बोर्ड ने सर्वसम्मति से मंजूरी प्रदान की।

इंदिरापुरम में होटल भूखंड को ग्रुप हाउसिंग में परिवर्तित करने की मंजूरी

इंदिरापुरम योजना के शक्ति खण्ड-4 में स्थित होटल भूखंड संख्या SK-IV/01, क्षेत्रफल 5965.29 वर्गमीटर, के भू-उपयोग को होटल/व्यावसायिक से आवासीय ग्रुप हाउसिंग में परिवर्तित किए जाने के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से अनुमोदित किया गया।
इससे विकसित इंदिरापुरम क्षेत्र में उपलब्ध भूमि का आवासीय आवश्यकता के अनुरूप बेहतर उपयोग किया जा सकेगा तथा नियोजित आवासीय विकास को बढ़ावा मिलेगा।

इंदिरापुरम शक्ति खण्ड-2 में 6959.586 वर्गमीटर भूखंड को ग्रुप हाउसिंग में बदलने का निर्णय

इंदिरापुरम योजना के शक्ति खण्ड-2 में स्थित व्यावसायिक भूखंड संख्या C-1, क्षेत्रफल 6959.586 वर्गमीटर, के भू-उपयोग को व्यावसायिक से आवासीय ग्रुप हाउसिंग में परिवर्तित करने तथा तलपट मानचित्र में आवश्यक संशोधन किए जाने के प्रस्ताव को भी बोर्ड द्वारा सर्वसम्मति से अंतिम अनुमोदन प्रदान किया गया।

हापुड़ में औद्योगिक विकास को बढ़ावा

उत्तर प्रदेश सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम प्रोत्साहन नीति-2022 के अंतर्गत जनपद हापुड़ के ग्राम हसनपुर लोधा, तहसील धौलाना में लगभग 13.1568 हेक्टेयर भूमि के भू-उपयोग को कृषि से औद्योगिक किए जाने के प्रस्ताव को भी सर्वसम्मति से अनुमोदित किया गया।
इस निर्णय से क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने, निजी निवेश आकर्षित होने तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होने की संभावना है।

गाजियाबाद की हाईटेक टाउनशिप परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा

बैठक में गाजियाबाद में निजी पूंजी निवेश के माध्यम से विकसित की जा रही विभिन्न हाईटेक टाउनशिप परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। बोर्ड द्वारा परियोजनाओं की प्रगति, लंबित कार्यों तथा विकास कार्यों को निर्धारित मानकों एवं स्वीकृत DPR के अनुरूप समयबद्ध रूप से पूरा कराने पर जोर दिया गया। एजेंडा में हाईटेक टाउनशिप परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा को पृथक विषय के रूप में शामिल किया गया था।

पुराने बोर्ड निर्णयों की पुष्टि एवं अनुपालन की भी समीक्षा

बैठक की शुरुआत में 14 मई 2026 को आयोजित प्राधिकरण की 172वीं बोर्ड बैठक के कार्यवृत्त की पुष्टि तथा उसके अनुपालन की समीक्षा की गई। कार्यवृत्त पर कोई आपत्ति/टिप्पणी प्राप्त नहीं होने का उल्लेख एजेंडा में है।
इसी प्रकार पिछली बोर्ड बैठकों में लिए गए निर्णयों के अनुपालन की स्थिति की भी समीक्षा की गई, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि बोर्ड द्वारा लिए गए निर्णय केवल कागजी कार्यवाही तक सीमित न रहें बल्कि उनका समयबद्ध क्रियान्वयन भी सुनिश्चित हो।

सर्वसम्मति से लिए गए निर्णयों से गाजियाबाद के भविष्य के विकास को नई दिशा

173वीं बोर्ड बैठक में लिए गए सभी निर्णयों में सर्वसम्मति, समन्वित विकास और जनहित को विशेष महत्व दिया गया। बैठक में स्वीकृत प्रस्तावों में एक ओर शहर के पुराने एवं व्यस्त क्षेत्रों में यातायात सुधार के लिए एलिवेटेड ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर जैसी परियोजना है, तो दूसरी ओर हरनंदीपुरम, एयरोसिटी, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम और हिंडन बंधे जैसी भविष्य की बड़ी परियोजनाओं के लिए आधारभूत संरचना तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
इसी प्रकार शाहपुर बम्हैटा, सागा क्रेसेंट पार्क, पार्क टाउन एवं अन्य टाउनशिप परियोजनाओं को गति मिलने से नए आवासीय क्षेत्रों का विकास, निजी पूंजी निवेश, रोजगार के अवसर और आधुनिक शहरी सुविधाओं का विस्तार होगा। इंदिरापुरम एवं राजनगर में भू-उपयोग से जुड़े निर्णयों से उपलब्ध भूमि का नियोजित एवं आवश्यकता आधारित उपयोग सुनिश्चित होगा, जबकि हापुड़ क्षेत्र में औद्योगिक भू-उपयोग को बढ़ावा मिलने से आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने की संभावना है।
बोर्ड द्वारा सभी प्रस्तावों को सर्वसम्मति से अनुमोदित किया जाना इस बात का संकेत है कि गाजियाबाद विकास प्राधिकरण शहर के वर्तमान विकास के साथ-साथ अगले कई दशकों की शहरी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए एक समेकित, सुरक्षित, आधुनिक एवं नागरिक-केंद्रित विकास मॉडल की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
अध्यक्ष भानु चंद्र गोस्वामी ने अधिकारियों को स्वीकृत परियोजनाओं एवं निर्णयों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने, विकास कार्यों में गुणवत्ता एवं समयबद्धता बनाए रखने तथा जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने पर बल दिया।
173वीं बोर्ड बैठक में सर्वसम्मति से लिए गए ये निर्णय गाजियाबाद के बदलते शहरी स्वरूप को नई दिशा देने के साथ-साथ नागरिकों के लिए बेहतर आवास, सुगम यातायात, सुरक्षित वातावरण, आधुनिक आधारभूत सुविधाएं और रोजगार एवं निवेश के नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होंगे।

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