आई.टी.एस. मोहन नगर यूजी कैंपस में मनाया गया हिंदी दिवस

  • काव्य पाठ एवं पारंपरिक परिधान प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा
  • कार्यक्रम की थीम अपनी भाषा, अपनी पहचान रही
  • काव्य पाठ एवं पारंपरिक परिधान प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने लिया भाग
  • हिंदी हमारी मातृभाषा ही नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और भावनाओं की पहचान है:अर्पित चड्ढा

गाजियाबाद। मोहननगर स्थित आई.टी.एस. के यूजी कैंपस में हिंदी भाषा के प्रति विद्यार्थियों में प्रेम, सम्मान एवं गौरव की भावना विकसित करने के उद्देश्य से हिंदी दिवस का आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया। कार्यक्रम की थीम अपनी भाषा, अपनी पहचान रही। हिंदी दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों के लिए विभिन्न रचनात्मक एवं मनोरंजक गतिविधियों का आयोजन किया गया। द्रोणाचार्य आडिटोरियम में काव्य पाठ एवं पारंपरिक परिधान प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा, अभिव्यक्ति-कौशल एवं भारतीय संस्कृति के प्रति अपनी रुचि का शानदार प्रदर्शन किया।
आई.टी.एस. ग्रुप आफ इंस्टीट्यूशन्स के वाइस चेयरमैन अर्पित चड्ढा ने अपने संदेश में कहा कि हिंदी हमारी मातृभाषा ही नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और भावनाओं की पहचान है। हमें हिंदी भाषा का सम्मान करते हुए इसे अपने दैनिक जीवन में अधिक से अधिक प्रयोग करना चाहिए। आज के डिजिटल और वैश्विक युग में हिंदी के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए युवाओं की इसमें महत्वपूर्ण भूमिका है। आई.टी.एस. यूजी कैंपस की प्रिंसिपल डॉ. नैंसी शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि ह्लहिंदी हमारी पहचान और हमारी जड़ों से जुड़ी भाषा है। विद्यार्थियों को हिंदी के प्रति गर्व की भावना रखते हुए इसके समृद्ध साहित्य और संस्कृति को समझना चाहिए। हिंदी को आधुनिक शिक्षा, तकनीक और संचार से जोड़कर हम इसे नई पीढ़ी के बीच और अधिक प्रभावशाली बना सकते हैं।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि धरमवीर धरम वीर रस के प्रसिद्ध कवि एवं प्रेरक वक्ता रहे। साहित्य एवं हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार के साथ-साथ वे राष्ट्रीय कवि संगम की विश्वविद्यालय इकाई के संयोजक तथा युगांतर फाउंडेशन के संस्थापक के रूप में सक्रिय हैं । उनका व्यक्तित्व साहित्य, राष्ट्रभक्ति, भाषा-सेवा और युवाओं को प्रेरित करने के लिए समर्पित है।
इस अवसर पर धरमवीर धरम ने विद्यार्थियों को हिंदी भाषा के महत्व एवं उसकी समृद्ध साहित्यिक विरासत से परिचित कराया । उन्होंने अपनी ओजस्वी काव्य प्रस्तुति एवं प्रेरक वक्तव्य के माध्यम से विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम, आत्मविश्वास और हिंदी के प्रति गौरव की भावना जागृत की।
पारंपरिक परिधान प्रतियोगिता एवं काव्य पाठ प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। पारंपरिक परिधान प्रतियोगिता में पुष्कर कुमार (बीसीए द्वितीय वर्ष) एवं समीक्षा (बीसीए तृतीय वर्ष) विजेता रहे। वहीं काव्य पाठ प्रतियोगिता में प्रियांशु (बीसीए प्रथम वर्ष) ने प्रथम तथा सुश्री आयुषी बंबानी (बीबीए प्रथम वर्ष) ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। विजेता विद्यार्थियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएँ दी गईं।
वहीं, 16 सितंबर 2026 को हिंदी ब्रांडवर्स तथा हिंदी इमोजी चैलेंज जैसी अभिनव गतिविधियों के माध्यम से हिंदी को आधुनिक एवं डिजिटल अभिव्यक्ति से जोड़ा जाएगा । हिंदी ब्रांडवर्स में विद्यार्थी अपनी रचनात्मकता एवं प्रभावशाली प्रस्तुति के साथ विभिन्न ब्रांड्स को हिंदी भाषा में प्रस्तुत करेंगे, जबकि हिंदी इमोजी चैलेंज में विद्यार्थी इमोजी के माध्यम से हिंदी शब्दों एवं भावों को पहचानने की रोचक चुनौती में भाग लेंगे।
इन गतिविधियों का उद्देश्य विद्यार्थियों में हिंदी के प्रति गौरव, रचनात्मक अभिव्यक्ति, संचार कौशल तथा भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि हिंदी केवल हमारी भावनाओं एवं विचारों की अभिव्यक्ति का माध्यम ही नहीं, बल्कि आधुनिक संचार, तकनीक और रचनात्मकता की भी प्रभावशाली भाषा है। कार्यक्रम के सफल आयोजन पर आई.टी.एस. मोहन नगर यूजी कैंपस ने सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों एवं आयोजन से जुड़े सदस्यों का उत्साहवर्धन किया। हिंदी दिवस का यह आयोजन अपनी भाषा, अपनी पहचान के संदेश को सार्थक करते हुए विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक एवं यादगार अनुभव रहा।

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