केआईईटी विश्वविद्यालय में एचपी-इंटेल पहल के अंतर्गत एआई स्किल्स लैब का शुभारंभ

गाजियाबाद। दिल्ली-एनसीआर स्थित केआईईटी मानद विश्वविद्यालय ने भविष्य की तकनीकी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए एआई स्किल्स लैब सेंटर आफ एक्सीलेंस का उद्घाटन किया। यह अत्याधुनिक लैब एचपी- इंटेल एआई फॉर फ्यूचर वर्कफोर्स पहल के अंतर्गत स्थापित की गई है, जिसका उद्देश्य छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में उद्योग-संगत कौशल प्रदान करना है। इस अवसर पर एचपी इंडिया और इंटेल इंडिया के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ-साथ काईट के नेतृत्वकर्ता—प्रो-वाइस चांसलर डॉ. मनोज गोयल, एकेडमिक्स डायरेक्टर डॉ. आदेश कुमार पांडे, कारपोरेट संबंध और प्लेसमेंट सेल के डायरेक्टर डॉ. अभिनव जुनेजा, और सभी विभागों के डीन उपस्थित थे। कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्जवलन और रिबन-कटिंग के साथ हुआ, जिसके बाद विशेषज्ञों द्वारा विचार साझा किए गए। इंटेल की वरिष्ठ निदेशक, सुश्री श्वेता खुराना ने अपने संबोधन में भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए बड़े स्तर पर एआई स्किलिंग की आवश्यकता पर बल दिया। वहीं, एचपी इंडिया के वरिष्ठ निदेशक, अंकुर गोयल ने उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग को मजबूत करने तथा छात्रों को व्यावहारिक प्रशिक्षण देने की आवश्यकता को रेखांकित किया। विश्वविद्यालय की ओर से प्रो. वाइस चांसलर, डॉ. मनोज गोयल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने एआई स्किल्स लैब को नवाचार, शोध और बहु-विषयक शिक्षा का एक महत्वपूर्ण केंद्र बताते हुए इसके दूरगामी प्रभावों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण प्रोजेक्ट एग्जीबिशन रहा, जिसमें 51 छात्र नवप्रवर्तकों ने 32 एआई एवं उभरती तकनीकों से जुड़े प्रोजेक्ट्स प्रस्तुत किए। इन प्रोजेक्ट्स में जनरेटिव एआई, हेल्थकेयर, कंप्यूटर विजन, ब्लॉकचेन और रोबोटिक्स जैसे क्षेत्रों की झलक देखने को मिली। डॉ. अजय कुमार श्रीवास्तव संयोजक एवं डीन, सीएस/सीएसई-डीएस और तकनीकी प्रशिक्षण, ने साझा किया। यह लैब अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है, जिसमें एचपी वर्कस्टेशन्स और इंटेल आधारित एआई कंप्यूटिंग सिस्टम शामिल हैं। यहां इंटेल डिजिटल तत्परता प्रमाणन पाठ्यक्रमऔर फैकल्टी के लिए ‘ट्रैन दी ट्रेनर’ प्रोग्राम भी संचालित किए जाएंगे। इस पहल के माध्यम से छात्रों को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकसित करने, प्रमाणन प्राप्त करने और रोजगार के बेहतर अवसरों के लिए तैयार किया जाएगा। साथ ही, यह पहल भविष्य में अनुसंधान, नवाचार और उद्योग सहयोग के नए रास्ते भी खोलेगी। इस उपलब्धि के साथ विश्वविद्यालय ने एक बार फिर यह सिद्ध किया है कि वह तकनीकी शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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