फार्मास्युटिकल क्षेत्र में तकनीकी नवाचार और औषधि सुरक्षा के बीच समन्वय स्थापित करें छात्र: कलईसेल्वन

  • आई.टी.एस. कॉलेज आफ फार्मेसी में फार्मास्युटिकल नवाचार एवं कंप्यूटर एडेड डिजाइन पर राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित
  • सम्मेलन में दिल्ली एनसीआर क्षेत्र के 27 कॉलेजों के 500 से अधिक छात्रों ने भाग लिया

गाजियाबाद। आईटीएस कॉलेज आफ फार्मेर्सी, मुरादनगर में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम टैक्नीकल यूनिवर्सिटी द्वारा फंडेड फार्मास्युटिकल विज्ञान में नवाचार हेतु कंप्यूटर एडेड डिजाइन टूल्स शीर्षक पर एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में दिल्ली एनसीआर क्षेत्र के 27 कॉलेजों के 500 से अधिक छात्रों ने भाग लिया। सम्मेलन का उद्देश्य फार्मास्युटिकल शिक्षा, अनुसंधान एवं नवाचार में कंप्यूटर आधारित डिजाइन तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देना था।
कार्यक्रम का शुभारम्भ अतिथि वी कलईसेल्वन, डॉ विमल गुप्ता, आईटीएस द एजुकेशन ग्रुप के चेयरमैन डॉ. आरपी चढ्डा, वाइस चेयरमैन अर्पित चढ्डा, संस्थान के निदेशक डॉ. एस सदीश कुमार एवं डॉ. मधु वर्मा द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जवलन एवं सरस्वती वंदना के साथ किया गया।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित डॉ. वी. कलईसेल्वन, सचिव-सह-वैज्ञानिक निदेशक, इंडियन फार्माकोपिया कमीशन, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार ने अपने संबोधन में इंडियन फार्माकोपिया कमीशन की भूमिका, कार्यप्रणाली एवं औषधि गुणवत्ता के क्षेत्र में इसके महत्वपूर्ण योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों से इन आधुनिक तकनीकों का वैज्ञानिक एवं जिम्मेदार तरीके से उपयोग करने तथा फार्मास्युटिकल क्षेत्र में तकनीकी नवाचार और औषधि सुरक्षा के बीच समन्वय स्थापित करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित डॉ. विमल गुप्ता, मैनेजिंग डायरेक्टर, एबिस फार्मा प्राइवेट लिमिटेड ने विद्यार्थियों को शैक्षणिक ज्ञान के साथ व्यावहारिक एवं उद्योग-उन्मुख कौशल विकसित करने, नई तकनीकों को सीखने तथा अनुसंधान में रचनात्मक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर डॉ. आरपी चढ्डा, चेयरमैन, आईटीएस द एजुकेशन ग्रुप ने अपने स्वागत संबोधन एवं प्रेरणादायक उद्बोधन में सभी अतिथियों, विशेषज्ञों, शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह सम्मेलन फार्मास्युटिकल विज्ञान में आधुनिक कंप्यूटर आधारित तकनीकों का समावेश, छात्रों को अनुसंधान एवं नवाचार की नई दिशा प्रदान करेगा। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को नवीनतम तकनीकों से जोड़ने तथा उनके ज्ञान को व्यावहारिक रूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
समारोह में अर्पित चढ्डा, वाइस चेयरमैन, आईटीएस द एजुकेशन ग्रुप ने अपने संदेश में संस्थान के मिशन का उल्लेख करते हुए कहा कि आई.टी.एस. द एजुकेशन ग्रुप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार एवं नैतिक मूल्यों के माध्यम से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए आयोजकों एवं प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं तथा सभी विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों के उज्जवल भविष्य, निरंतर सफलता और बेहतर उपलब्धियों की कामना की।
समारोह के दौरान संस्थान के निदेशक डॉ. एस सदीश कुमार ने अपने संबोधन में सभी अतिथियों, विषय विशेषज्ञों, शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए निरंतर सीखना, नई तकनीकों को अपनाना, समय का सदुपयोग करना और अपने ज्ञान को व्यावहारिक कौशल में परिवर्तित करना आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों एवं एआई आधारित उपकरणों का रचनात्मक उपयोग करते हुए अपने अनुसंधान एवं व्यावसायिक कौशल को विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
सम्मेलन के प्रथम तकनीकी सत्र में डॉ. मोहम्मद यासिर, अर्सी यूनिवर्सिटी, इथियोपिया ने फार्मास्युटिकल विज्ञान में नवाचार के लिए उपयोग किए जा रहे विभिन्न कंप्यूटेशनल टूल्स एवं उनके वैश्विक परिदृश्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने मॉलिक्यूलर मॉडलिंग एवं सिमुलेशन तकनीकों की उपयोगिता बताते हुए कहा कि कंप्यूटर आधारित तकनीकों के माध्यम से औषधि अनुसंधान एवं विकास की प्रक्रिया को अधिक तीव्र, प्रभावी एवं वैज्ञानिक बनाया जा सकता है।
द्वितीय तकनीकी सत्र में प्रो0 (डॉ.) ओजैर आलम, जामिया हमदर्द ने फार्मास्युटिकल केमिस्ट्री एवं ड्रग डिजाइन के बीच संबंध को स्पष्ट करते हुए मॉलिक्यूलर मॉडलिंग, क्वांटम मैकेनिक्स तथा इन-सिलिको दृष्टिकोणों की भूमिका पर विस्तृत चर्चा की।
तृतीय तकनीकी सत्र में डॉ. वैशाली एम. पाटिल, चरक स्कूल आॅफ फामेर्सी ने फार्मेसी शिक्षा में कंप्यूटर एडेड ड्रग डिजाइन को शामिल करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित न रखते हुए उन्हें आधुनिक सॉफ्टवेयर एवं कंप्यूटेशनल टूल्स का व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करना आवश्यक है।
विशेषज्ञों के व्याख्यानों के पश्चात प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं प्रतिभागियों ने विभिन्न प्रश्न पूछे जिनका विशेषज्ञ वक्ताओं ने प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए व्यावहारिक एवं शोधपरक जानकारी प्रदान की।
सम्मेलन में प्रतिभागियों एवं शोधार्थियों द्वारा पोस्टर प्रस्तुति एवं मौखिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपने शोध निष्कर्षों एवं नवाचार संबंधी कार्यों को विशेषज्ञों एवं प्रतिभागियों के समक्ष प्रस्तुत करने का अवसर मिला। कार्यक्रम के समापन सत्र में प्रमाण-पत्र वितरण एवं पुरस्कार समारोह आयोजित किया गया जिसके पश्चात समापन अवसर पर डॉ0 मधु वर्मा, प्रोफेसर द्वारा सफल आयोजन के लिए संस्थान के प्रबंधन, विशेष रूप से आईटीएस द एजुकेशन ग्रुप के चेयरमैन डॉ. आरपी चढ्डा, वाइस चेयरमैन अर्पित चढ्डा व सभी विशिष्ट अतिथियों, वक्ताओं, पैनलिस्ट्स, आयोजकों तथा प्रतिभागियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।
सम्मेलन का संचालन मनीष कुमार, साक्षी चौहान व निधी शर्मा ने किया।

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