
गाजियाबाद। आई.टी.एस. स्कूल आॅफ मैनेजमेंट, गाजिÞयाबाद ने पीजीडीएम बैच (2025-2027) के विद्यार्थियों के लिए री-ओरिएंटेशन प्रोग्राम 2026 का आयोजन कैंपस टू कॉरपोरेट बदलती अपेक्षाएँ विषय पर किया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को कैंपस से कॉरपोरेट जगत की सफल यात्रा के लिए तैयार करना था। कार्यक्रम का स्वागत संबोधन देते हुए प्रो. (डॉ.) अजय कुमार, निदेशक, आई.टी.एस. स्कूल आॅफ मैनेजमेंट ने विद्यार्थियों को आलोचनात्मक चिंतन विकसित करने, नैतिक मूल्यों का पालन करने, विविधता को अपनाने, कृत्रिम बुद्धिमत्ता का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने तथा नियमित रूप से पढ़ने और लिखने की आदत विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
सुरेन्द्र सूद, निदेशक (जनसंपर्क) आईटीएस द एजुकेशन ग्रुप ने विद्यार्थियों को असफलताओं से सीख लेने की प्रेरणा दी तथा कहा कि ग्राहकों का विश्वास ही किसी भी व्यवसाय की स्थायी सफलता का आधार होता है। प्रो. याचना मल्होत्रा, समन्वयक, पीजीडीएम द्वितीय वर्ष ने कार्यक्रम का परिचय प्रस्तुत करते हुए संस्थान द्वारा कौशल-आधारित शिक्षण वातावरण विकसित करने की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में उद्योग जगत एवं शिक्षाविदों के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किए। डॉ. एम. एल. सिंगला, पूर्व प्रोफेसर, एफ.एम.एस., दिल्ली ने प्रभावी संचार, नैतिकता, अनुकूलनशीलता तथा सकारात्मक सोच के महत्व पर बल दिया। डॉ. शंकर गोयनका, प्रबंध निदेशक, वाओ फैक्टर्स ने सार्थक संबंध बनाने, प्रतिबद्धता बनाए रखने तथा प्राथमिकताओं के प्रभावी प्रबंधन पर अपने विचार व्यक्त किए। अंशु माली बाजपेयी, संयुक्त निदेशक, ट्रेड प्रमोशन काउंसिल आॅफ इंडिया ने उद्योग संगठनों एवं सरकारी नीतियों की व्यवसायिक विकास में भूमिका पर प्रकाश डाला। विनी कौशिक, सीएचआरओ, नूबर्ग इंजीनियरिंग लिमिटेड ने कहा कि ज्ञान तभी सार्थक होता है जब उसे सही संदर्भ, उद्देश्य और प्रभावी प्रस्तुति के साथ प्रदर्शित किया जाए। राकेश श्रीवास्तव, सीनियर जोनल बिजनेस मैनेजर, कोलगेट पामोलिव इंडिया लिमिटेड ने कॉरपोरेट जगत की बदलती अपेक्षाओं, आवश्यक दक्षताओं तथा निरंतर सीखने के महत्व पर व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान किया।
कार्यक्रम में आयोजित इंटरैक्टिव एलुमनाई अनुभव साझा सत्र कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहा। इस सत्र में संस्थान के पूर्व विद्यार्थियों ने अपने कॉरपोरेट अनुभव, कार्यस्थल की चुनौतियों तथा व्यावहारिक सीख विद्यार्थियों के साथ साझा की। कार्यक्रम का समापन विद्यार्थियों को आजीवन सीखने, परिवर्तन को अपनाने तथा अपनी व्यावसायिक दक्षताओं को निरंतर विकसित करते हुए कॉरपोरेट जगत में उत्कृष्टता प्राप्त करने के प्रेरक संदेश के साथ हुआ।

