योगेश्वर श्री कृष्ण आप्त पुरुष थे: कृष्णदेव आर्य

  • वीपीवी स्कूल गरुकुल में धूमधाम से मनाया गया भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव

गाजियाबाद। पाइप लाइन रोड़ मकरेड़ा में स्थित वीपीवी स्कूल गुरुकुल में योगेश्वर भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव मनाया गया। छोटे – छोटे बच्चों ने भगवान श्री कृष्ण की वेषभूषा में वैदिक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करके सबके मन को मोह लिया। प्रबंधक कृष्णदेव आर्य ने बच्चों के प्रदर्शन की सराहना की और उन्हें सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए और हम सभी को भगवान कृष्ण के आदर्श को अपने जीवन में साक्षात करना चाहिए। भगवान श्री कृष्ण एक पत्नी व्रता योगेश्वर, नीतिनिपुण वेदज्ञा, कर्मशील, सात्विकता, जितेन्द्रियता , 16 कलाओं के ज्ञाता आदि अनेक गुणों से परिपूर्ण थे, परंतु कालांतर में कुछ विधर्मियों , स्वार्थी दुष्ट लोगों के द्वारा उनके चरित्र को बिगाड़ने की कोशिश की गयी, भगवान श्री कृष्ण सूर्य के समान उज्जवल चरित्र वाले थे, जिन्होंने महाभारत काल में अनेकों अनेक प्रेरणा युक्त कर्म किये है, कुछ स्वार्थी लोगों ने भ्रांतियां पैदा कर दीं कि भगवान श्री कृष्ण के 16108 गोपिकाएं थीं, माखन चोर थे, रास लीला रचाते थे, मनिहारी का वेश बनाकर चूड़ी बेचने का कार्य करते थे, इस प्रकार के लांछन लगाकर हमारे महापुरुषों को बदनाम किया ,ये सब बिल्कुल तथ्यहीन बातें हैं, जिनका कोई अर्थ नहीं है, भगवान कृष्ण को 16108 वेद की ऋचाएं कंठस्थ थीं, ये उस समय के सत्य के अनुगामी और धर्मज्ञ महापुरुष थे, जिन्होंने सम्पूर्ण जीवन में मानव हित के कार्य किये और कोई पाप नहीं किया ।अत: उन्हें आप्त पुरुष कहा जाता है उनका जन्म दिवस मनाना तभी सार्थक होगा, जब हम अपने जीवन में उनके गुणों को धारण करेंगे। प्रधानाचार्य प्रवीण कुमार ने सभी का आभार एवं धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि हम सभी अपने महापुरुषों के पद चिह्नों पर चलकर राष्ट्र के सभ्य नागरिक बनें।मंच का कुशल संचालन अंजलि शर्मा ने किया। इस अवसर पर अंजना चौधरी, शर्मिष्ठा चौधरी, सीमा श्रीवास्तव, अंशु त्यागी ,विकास चौधरी, आकांशा वशिष्ठ, काजल, दिव्या अधाना,प्रमोद खारी,देवव्रत आर्य एवं विद्यालय के बच्चे मौजूद रहें।

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