सिल्वर लाइन प्रेस्टीज स्कूल के छात्रों ने ‘सुर-ताल’ के जरिए मनवाया प्रतिभा का लोहा

  • आकाश इतना भी ऊंचा नहीं कि छुआ न जा सके : पद्मश्री उर्मिला श्रीवास्तव
  • नई पीढ़ी को संस्कार, आचरण, शिष्टाचार, व्यवहार, कला, संस्कृति व पर्यावरण के संरक्षण का पाठ पढ़ाना होगा: माला कपूर

गाजियाबाद। सिल्वर लाइन प्रेस्टीज स्कूल की चार दशक की यात्रा शिक्षा और संस्कार के क्षेत्र में मील का एक पत्थर है। समर्पण और संकल्प के पथ पर अग्रसर होकर ही ऐसे कीर्तिमान स्थापित किए जा सकते हैं। चर्चित लोक गायिका पद्मश्री उर्मिला श्रीवास्तव ने स्कूल के वार्षिकोत्सव ‘सुर-ताल’ की प्रस्तुतियों के उपरांत अपने उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि लीला, रंजन से होते हुए लोक तक की यात्रा पूरी करती है, तब मनोरंजन का पर्याय बनती है। लेकिन नन्हे मुन्नों ने अपने अभिनय और अभिव्यक्ति से लोकरंजन की एक नई मिसाल ही कायम कर दी। उन्होंने कहा कि एक छोटे से कस्बे से निकल कर उन्होंने आसमान छुआ है। उन्होंने छात्रों का आह्वान किया कि आसमान इतना भी ऊंचा नहीं है कि छुआ न जा सके, हमारी नित्य की छोटी सी कोशिश एक दिन हमें इतना बुलंद कर सकती है कि आसमान हमारी मुट्ठी में हो सकता है।
नेहरू नगर शाखा के वार्षिकोत्सव का शुभारंभ प्रमुख शिक्षाविद श्रीमती संतोष ओबरॉय, संस्थापिका डॉ. माला कपूर, निदेशक तन्वी कपूर गोयल, समन्वयक कविता सरना, पद्मश्री से अलंकृत सुश्री उर्मिला श्रीवास्तव व भाजपा महानगर महामंत्री डॉ. रीता देओल द्वारा पुष्प अर्पण से हुआ। इस अवसर पर छात्रों ने ‘सुर-ताल’ की प्रस्तुति को विभिन्न प्रारूपों में प्रस्तुत किया। जिसमें ‘ताल’ ने गति और नृत्य की ऊर्जा को अभिव्यक्त किया, जबकि ‘सुर’ में संगीत, मधुरता और भावों की सुंदर दुनिया को साकार किया गया। नन्हें-मुन्नों की हर अभिव्यक्ति को भरपूर सराहना मिली।
इस अवसर पर स्कूल की संस्थापिका डॉ. माला कपूर ने कहा कि चालीस साल की इस यात्रा की साक्षी के तौर पर उन्होंने देखा है कि तकनीक के क्षेत्र में हम जितने समृद्ध हुए हैं, पर्यावरण से लेकर मानव जीवन के लिए आधारभूत मूल्य के क्षेत्र में हम उतने ही विपन्न हुए हैं। उन्होंने कहा कि हमारी शिक्षा का तब तक कोई मोल नहीं है जब तक वह आने वाली पीढ़ी को संस्कार, आचरण, शिष्टाचार, व्यवहार, कला, संस्कृति व पर्यावरण के संरक्षण का पाठ न पढ़ा सके। स्कूल की निदेशक तन्वी कपूर गोयल ने सभी अभिभावकों का आभार व्यक्त करने के साथ विद्यालय का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन बॉस्की,ने किया। इस अवसर पर एकता कोहली, सोनिया सेहरा, मीना उत्तम, सुप्रिया, नम्रता,नीना,रशीम, शालिनी, मेघा , गीतू सिंह, ज्योति व परिधि के साथ समस्त अध्यापक और अध्यापिकाएं उपस्थित थीं। मंच सज्जा, प्रकाश, संगीत व नृत्य में अनुज, पारुल, अनुराधा, अक्षय, लवी ठकराल तथा हिमानी आदि ने सहयोग प्रदान किया।

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