- रेजीडेंटस में आक्रोश, कार्रवाई की मांग
- महिला-पुरुषों ने न्याय की गुहार के लिए दिया धरना


गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन में बुधवार को एक सड़क को लेकर हाईवोल्टेज ड्रामा हो गया। यहां की स्काइपर सोसायटी समेत दूसरी सोसायटी के करीब बीस हजार लोगों के लिए बनाई गई सड़क को ट्रैक्टर चलाकर उखाड़ दिया गया। आरोप है कि सड़क तोड़ने के बाद उसमें पानी भर दिया गया और आवागन पूरी तरह से बंद कर दिया गया। सड़क को तोड़Þने वाले लोग कौन हैं और सड़क को क्यों तोड़ा गया है इसके बारे न तो जीडीए के उच्च अधिकारियों ने कोई संज्ञान लिया है और ना ही पुलिस ने कोई कार्रवाई की है। सवाल यह उठता है कि बनी बनाई सड़क को तोड़ने के बाद तथाकथित लोगों की क्या मंशा है। बताया तो यह जाता है कि जिस रास्ते पर सड़क बनाई गई थी उस रास्ते पर कुछ लोग अपना हक जता रहे हैं। खैर मामला जीडीए और पुलिस से संबंधित है, इसलिए रेजीडेंट्स ने जीडीए के अधिकारियों व पुलिस से शिकायत की। रेजीडेंट्स का कहना है कि डबल इंजन की सरकार में ऐसा हो रहा है। लोगों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि अब वो सड़क को ही नेस्तानाबूद करने पर तुले हुए हैं। हालांकि जब रेजीडेंट्स धरने पर बैठे तो पुलिस वहां पहुंची जरूर लेकिन सड़क तोड़ने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की बजाए रेजीडेंट्स को ही समझा बुझाकर घर भेज दिया। रेजीडेंट्स सड़क तोड़ने वाले लोगों से डरे सहमे हुए हैं। अब देखना यह है कि इस मामले में आगे क्या होता है। क्या जीडीए इस सड़क को फिर से बनवा पाता है या यह मार्ग यूं ही रहेगा। वैसे उन लोगों को भी मीडिया के सामने आकर अपना पक्ष रखना चाहिए जिन्हें उक्त रास्ते पर सड़क के बनाए जाने से दिक्कत होती है। उधर, शाम को राजनगर एक्सटेंशन निवासियों का प्रतिनिधि मंडल पूर्व पार्षद संजीव त्यागी के नेतृत्व में जीडीए में मुख्य अभियंता आलोक रंजन से मिला एवं देविका स्काइपर सोसाइटी के सामने वाली रोड के समाधान पर चर्चा की जिसमें मुख्य अभियंता ने जल्द से समिति बना कर इस विवादित भूमि का निस्तारण करवाकर 45 मीटर रोड के निर्माण का आश्वासन दिया।

