गाजियाबाद। केआईईटी मानद विश्वविद्यालय, गाजियाबाद ने प्रो. सतीश धवन स्मृति दिवस पर वर्ल्ड स्पेस वीक 2026 के अंतर्गत एक दिवसीय सेमिनार एवं संवाद सत्र का आयोजन किया, जिसमें पद्म विभूषण प्रो. सतीश धवन को ह्लएक वैज्ञानिक, शिक्षक और दूरदर्शीह्व के रूप में स्मरण किया गया। सेमिनार का विषय था राष्ट्रीय विकास के लिए अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी: पृथ्वी अवलोकन से उभरते अंतरिक्ष अनुप्रयोगों तक।
कार्यक्रम का आयोजन इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग (ईसीई) तथा ईसीई-वीएलएसआई डिजाइन एंड टेक्नोलॉजी विभाग द्वारा डीन ईसीई, वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. विभव कुमार सचान के नेतृत्व में किया गया, जिसके आयोजक (आॅर्गनाइजर) प्रोफेसर एवं प्रोग्राम हेड, ईसीईझ्रवीएलएसआई डी एंड टी, डॉ. अभिषेक शर्मा रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना से हुआ, इसके बाद काईट का वीडियो प्रदर्शित किया गया और आमंत्रित विशेषज्ञों को आॅक्सी प्लांट भेंट किए गए। डॉ. अभिषेक शर्मा ने सेमिनार की विषयवस्तु एवं उद्देश्य प्रस्तुत किए, प्रो. धवन को समर्पित श्रद्धांजलि वीडियो दिखाया गया तथा कुलपति प्रो. नागराज रामराव ने स्वागत संबोधन एवं विश्वविद्यालय का परिचय दिया।
अनिल सी. माथुर (सेवानिवृत्त समूह निदेशक, एसएसी, इसरो एवं प्रोफेसर आॅफ प्रैक्टिस, आईआईटी रुड़की) ने राष्ट्रीय विकास के लिए अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी एवं उभरते अनुप्रयोगों पर; डॉ. एम. आर. सुजीमोल (प्रमुख, दिल्ली अर्थ स्टेशन, एसएसी, इसरो) ने उपग्रह संचार एवं परिचालन अंतरिक्ष प्रणालियों पर; तथा डॉ. प्रमोद कुमार (पूर्व डीन, आईआईआरएस, इसरो, देहरादून) ने पृथ्वी अवलोकन एवं सुदूर संवेदन अनुप्रयोगों पर विचार रखे। इसके बाद छात्रों एवं शिक्षकों के साथ प्रश्नोत्तर सत्र हुआ और विशेषज्ञों ने काईट के सेंटर्स आॅफ एक्सीलेंस का भ्रमण कर तकनीकी संवाद किया।
सभा को संबोधित करते हुए काईट के प्रति-कुलपति, डॉ. मनोज गोयल ने कहा: अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी अब केवल दूर का विज्ञान नहीं है; यह खेती, मौसम पूवार्नुमान, संचार और आपदा प्रबंधन के रूप में रोज हमारे जीवन को छूती है। प्रो. सतीश धवन को स्मरण करते हुए मैं छात्रों से आग्रह करता हूँ कि वे बड़े सपने देखें, हर असफलता से सीखें और भारत के लिए निर्माण करें। इसरो के विशेषज्ञों के साथ यह संवाद उन्हें अंतरिक्ष एवं इलेक्ट्रॉनिक्स में शोध और नवाचार के लिए प्रेरित करेगा।
सहायक प्राध्यापक (ईसीई) डॉ. रागिनी शर्मा, जिन्होंने मंच प्रबंधन भी संभाला, ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने माननीय कुलपति, माननीय प्रति-कुलपति, निदेशक अकादमिक, डीन्स, आमंत्रित विशेषज्ञों, शिक्षकों, कर्मचारियों, छात्रों तथा कार्यक्रम की सफलता में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से योगदान देने वाले प्रत्येक व्यक्ति का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।



