जिलाधिकारी ने किया रोबोटिक्स एवं एसटीईएम इनोवेशन लैब के पायलट प्रोजेक्ट का उद्घाटन

  • गाजियाबाद जिला प्रशासन की सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक, नवाचार एवं प्रयोग आधारित शिक्षा से जोड़ने की दिशा में पहल

गाजियाबाद। सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक, नवाचार एवं प्रयोग आधारित शिक्षा से जोड़ने की दिशा में गाजियाबाद जिला प्रशासन की पहल को आज महत्वपूर्ण गति मिली। जिलाधिकारी गाजियाबाद रविन्द्र कुमार मॉंदड़ द्वारा मधुबन बापूधाम स्थित अभ्युदय कम्पोजिट विद्यालय, नगर क्षेत्र में रोबोटिक्स एवं एसटीईएम इनोवेशन लैब के पायलट प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया गया।
यह पायलट प्रोजेक्ट जिलाधिकारी के उस विजन का हिस्सा है, जिसके तहत सरकारी विद्यालयों में शिक्षा को केवल पाठ्यपुस्तक तक सीमित न रखते हुए विद्यार्थियों को व्यावहारिक, गतिविधि-आधारित एवं तकनीक-केंद्रित सीखने के अवसर उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
अभ्युदय कम्पोजिट विद्यालय में कक्षा 01 से 08 तक के विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। नवस्थापित रोबोटिक्स एवं एसटीईएम इनोवेशन लैब के माध्यम से विद्यार्थियों को विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग एवं गणित की अवधारणाओं को प्रयोग एवं गतिविधियों के माध्यम से समझने का अवसर मिलेगा। लैब में विद्यार्थी रोबोटिक्स, सेंसर, कोडिंग, डिजाइन एवं समस्या समाधान जैसी गतिविधियों के माध्यम से सीख सकेंगे। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में कम उम्र से ही जिज्ञासा, तार्किक सोच, रचनात्मकता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं नवाचार की क्षमता विकसित करना है।
इस पहल की मूल भावना विद्यार्थियों को केवल किसी अवधारणा को पढ़ने तक सीमित रखने के बजाय उसे देखने, प्रयोग करने, गलतियों से सीखने और दोबारा प्रयास करते हुए समाधान खोजने के अवसर प्रदान करना है। इस प्रकार तकनीक विद्यार्थियों के लिए केवल एक विषय न रहकर सीखने तथा अपनी कल्पनाओं को वास्तविक रूप देने का माध्यम बनेगी। इस पहल को व्यवस्थित एवं दीर्घकालिक स्वरूप प्रदान करने के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, समग्र शिक्षा, गाजियाबाद एवं सर्व हितम मानव सेवा संस्थान के मध्य अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए हैं। अनुबंध के अंतर्गत चिन्हित सरकारी विद्यालयों में रोबोटिक्स एवं एसटीईएम इनोवेशन लैब की स्थापना, क्रियान्वयन एवं संचालन तथा विद्यार्थियों को गतिविधि-आधारित तकनीकी शिक्षा से जोड़ने की दिशा में कार्य किया जाएगा।
परियोजना का क्रियान्वयन एवं संचालन सर्व हितम मानव सेवा संस्थान द्वारा सीएसआर सहयोग के माध्यम से किया जा रहा है। यह संस्थागत साझेदारी जिला प्रशासन के विजन को विद्यालय स्तर तक प्रभावी रूप से पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 में परिकल्पित अनुभवात्मक, कौशल-आधारित एवं नवाचार-केंद्रित शिक्षा के उद्देश्यों के अनुरूप विद्यार्थियों को सीखने एवं प्रयोग करने के नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि आधुनिक तकनीक एवं नवाचार तक पहुंच केवल चुनिंदा विद्यार्थियों तक सीमित न रहे, बल्कि सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत प्रत्येक जिज्ञासु विद्यार्थी को सीखने, प्रयोग करने तथा अपने विचारों को वास्तविकता में बदलने का अवसर मिले।
एक विद्यालय से प्रारंभ हुआ यह पायलट प्रोजेक्ट आने वाले समय में 100 से अधिक विद्यालयों तक पहुंचने की दिशा में पहला महत्वपूर्ण कदम है। आज जिन नन्हे हाथों में तकनीक का एक छोटा-सा मॉडल है, वही हाथ आने वाले समय में बड़ी-बड़ी चुनौतियों के अभिनव समाधान तैयार कर सकते हैं। अभ्युदय योजना के अंतर्गत बेसिक शिक्षा विभाग के कंपोजिट विद्यालय मधुबन बापू धाम में बनी रोबोटिक लैब का उद्घाटन करने के साथ-साथ जिलाधिकारी महोदय ने आईसीटी लैब का भी निरीक्षण किया, जहां बच्चे रुचि पूर्ण ढंग से कंप्यूटर पर काम कर रहे थे, इसके बाद उन्होंने स्मार्ट क्लास का अवलोकन किया जिसमें शिक्षक द्वारा पढ़ाई जा रही गणित की तकनीक का अवलोकन किया तथा शिक्षक की सराहना की। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ओम प्रकाश यादव, प्रधानाध्यापक इंतजार अली, एसआरजी पूनम शर्मा, एआरपी मीनाक्षी यादव एवं विद्यालय का अन्य स्टाफ से भी विद्यालय की गतिविधियों पर बातचीत करते हुए जिलाधिकारी ने सभी के साथ ग्रुप फोटो कराई। विद्यालय की रसोईया ने सरकार द्वारा प्रतिमाह मानदेय बढ़ाये जाने के लिए धन्यवाद दिया। बच्चों द्वारा हाथ से बनाए गए ग्रीटिंग कार्ड और रंगोली के लिए जिलाधिकारी ने बच्चों को बधाई दी।

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