
गाजियाबाद। नेहरू वर्ल्ड स्कूल में वार्षिक हिन्दी नाट्य समारोह हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि समर्पित शिक्षाविद, खेलों की प्रबल समर्थक, समाजसेवी, शालिनी सिंह रहीं। शालिनी वर्तमान में नोएडा सिटीजन फोरम की कार्यकारी अध्यक्ष भी हैं। इनका एक कविता-संग्रह बेबाक हूँ बेअदब नहीं नाम से अभी हाल ही में प्रकाशित हुआ है। इसके अतिरिक्त नेहरू वर्ल्ड स्कूल के पूर्व विद्याथी र्भी इस कार्यक्रम के अतिथि थे, जिन्होंने 11 साल पहले इस नाटक का सफल मंचन किया था।
नाटिका का आरंभ एक प्रेरणादायीगीत से हुआ। इस अवसर पर विद्यालय की एक्जीक्यूटिव हेड सूजन होम्स तथा सीनियर विभाग की प्रधानाध्यापिका मंजुला सिंह ने स्कूल का स्मृतिचिह्न देकर आमंत्रित अतिथियों का अभिनंदन किया। तत्पश्चात विद्यार्थियों ने स्कूल की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की।
बोल प्रस्तुति के माध्यम से विद्यार्थियों में देष भक्ति और स्वदेशी का भाव जागृत करना ही इस नाटक प्रमुख उद्देश्य था। औपनिवेशिक शासन की पृष्ठ भूमि पर आधारित यह नाटक उन अनगिनत व्यक्तियों के संघर्षों को दर्शाता है जिनकी आवाजें़ दबाई गईं, फिर भी कभी खामोश नहीं हुईं। वास्तव में यह नाटिका मुंशी प्रेमचंद की कहानी जुलूस पर आधारित थी। इसकी विषेश बात यह थी कि इसमें फै़ज अहमद फै़ज़ की शायरी बोल कि लब हैं आजाद तेरे को भी शामिल किया गया। इस गीत के माध्यम से ब्रिटिश इंडिया के समय में उन भारतीयों को जागरुक करते हुए दिखाया गया है, जो भारतीयों द्वारा ब्रिटिश शासन के विद्रोह को अराजकता मानते थे।
कक्षा 9 से 12 के लगभग 40 विद्यार्थियों ने प्रतिशोध, साहस और मानवीय आवाज की भावना से प्रेरित नाटक बोल में अपनी अद्भुत प्रतिभा का परिचय दिया और अपने भावपूर्ण एवं मोहक अभिनय से दर्शकों को मंत्रमुग्ध एवं भावुक कर दिया। अतिथियों तथा अभिभावकों ने कार्यक्रम को खूब सराहा। अंत में प्रिंसिपल-सीनियर स्कूल श्रीमती मंजुला सिंह ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंन ेविद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए उन्हेंदे देशभक्ति का भाव बनाए रखने की बात कही।

