नहीं रहे वरिष्ठ फोटो जर्नलिस्ट उस्मान सैफी, किया गया सुपुर्द-ए-खाक

  • सबको हंसाने वाले उस्मान सैफी सभी को रुलाकर चले गए
  • करंट लगने से हुई आकस्मिक मौत, मीडियाकर्मियों में शोक की लहर
  • अपनी बेबाक फोटो पत्रकारिता से गाजियाबाद में बनाई थी एक अलग पहचान
  • कोरोना काल में जान की परवाह किए बगैर की थी सर्वश्रेष्ठ फोटो पत्रकारिता

गाजियाबाद। जिले गाजियाबाद की पत्रकारिता में एक ऐसा इंसान जिसे भी मिलता उसके चेहरे पर मुस्कान लाने वाला आज हम सभी को रुला कर चला गया। जी हां गाजियाबाद के वरिष्ठ फोटो जर्नलिस्ट उस्मान सैफी का शनिवार को आकस्मिक निधन हो गया। घर पर इन्वर्टर के करंट लगने से उनकी दुखद मौत हो गई। उस्मान सैफी के निधन की खबर से पत्रकारिता जगत में शोक की लहर दौड़ गई। जिस किसी ने भी उनके निधन की खबर सुनी उन्हें यकीन ही नहीं हो रहा था कि उस्मान अब हमारे बीच नहीं रहे हैं परलोक गमन चले गए हैं। पूरे हंसते-खेलते परिवार में मातम पसरा है तो मीडियाकर्मियों के चेहरों पर गमों का साया है। छोटे-बड़े कई मीडियाहाउस में काम कर चुके उस्मान सैफी के कैमरे से जब फ्लैश की चमक निकलती थी तो कइयों के होश उड़ा देती थी। अपनी बेबाक फोटोग्राफी के चलते ही उन्होंने मीडिया संस्थानों में अपना अलग मुकाम हासिल किया था। काफी समय से वे पंजाब केसरी ग्रुप के नवोदय टाइम्स अखबार में गाजियाबाद हेडक्वार्टर में सीनियर फोटो जर्नलिस्ट के पद पर तैनात थे। उनके निधन पर मीडियाजगत ही नहीं बल्कि विभिन्न राजनीतिक, स्वयंसेवी संस्थाओं के लोगों ने भी गहरा दुख व्यक्त किया है। एक दशक से भी अधिक समय से फोटो पत्रकारिता से जुड़े रहने के दौरान अपने सरल, मिलनसार एवं सौम्य व्हयवहार के चलते उन्होंने मीडियाकर्मियों में ही नहीं बल्कि शहर के हर वर्ग के लोगों के बीच अपनी एक अलग ही पहचान कायम कर रखी थी। कई बड़े आयोजनों की कवरेज के दौरान उन्होंने अपनी फोटो पत्रकारिता का लौहा मनवाने का काम किया था। सिर पर लंबे बाल रखने के शौकीन उस्मान सैफी कभी कभी मुंह में पान रखकर अपने सुर्ख होंटों से हमेशा मुस्कान बिखेरते थे। जिले में रह चुके पुलिस-प्रशासन के कई बड़े अधिकारियों से उनकी अच्छी टयूनिंग थी। उनकी बेबाक फोटो पत्रकारिता की सभी कद्र करते थे। उस्मान सैफी के विशेष फोटो कार्नर में छपी तस्वीरें भी चर्चा का विषय बनती थी। लेकिन अब वो हमारे बीच नहीं रहे। रात नौ बर्ज ईशा की नमाज के बाद पटेलनगर स्थित कबिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। उस्मान सैफी के जनाजे में बड़ी संख्या में मीडियाकर्मी, उनके सगे संबंधी, विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता, पुलिस-प्रशासनिक कर्मचारियों ने खिराजे अकीदत पेश की। काम्पैक्ट समाचार पत्र परिवार ने द्विवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और खुदा से उन्हें जन्नतल फिरदौस में आला से आला मुकाम देने के लिए दुआ मांगी।

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