आईटीएस डेंटल कॉलेज में चौथे एडवांस फेशियल एस्थेटिक्स कोर्स के आखिरी मॉड्यूल का आयोजन

  • प्रतिभागियों को डेंटोमैक्स इंटरनेशनल एकेडमी और प्रोफी विश्वविद्यालय, उज्बेकिस्तान की ओर से फेशियल एस्थेटिक्स फैलोशिप प्रदान की गई

गाजियाबाद। मुरादनगर स्थित आई.टी.एस डेंटल कॉलेज के पीरियडोनटोलॉजी विभाग द्वारा 23 से 26 सितंबर, 2026 तक चौथे एडवांस फेशियल एस्थेटिक्स कोर्स के आखिरी मॉड्यूल का आयोजन किया गया। प्रत्येक मॉड्यूल तीन दिनों का था जिसमें 36 प्रतिभागियों ने भाग लिया जिनमें निजी दंत चिकित्सक, कॉलेज के पूर्व छात्र, संस्थान के दंत चिकित्सक, एम.डी.एस के विद्यार्थी और कॉलेज के अध्यापक शामिल थे। यह कोर्स डेंटोमैक्स इंटरनेशनल एकेडमी और प्रोफी विश्वविद्यालय, उज्बेकिस्तान के सहयोग से आयोजित किया गया था।
यह कार्यक्रम आई.टी.एस-द एजुकेशन ग्रुप के वाईस चेयरमैन अर्पित चड्ढा के सहयोग से आयोजित किया गया जिसका उद्देश्य मरीजों के बीच चेहरे के सौन्दर्य चिकित्सा के बारे में जागरूकता बढ़ाना तथा चेहरे के सौन्दर्य में वृद्धि की मांग करने वाले रोगियों की प्राथमिक वैकल्पिक लक्ष्यों को प्राप्त करना एवं रोगी को समग्र उपचार प्रदान करना है। इस पाठ्यक्रम के गेस्ट स्पीकर डॉ. आशीष कुमार सिंह एवं डॉ. गौरव तिवारी थे, जो फेशियल एस्थेटिक्स चिकित्सक के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय वक्ता भी है। जिन्होंने फेशियल एस्थेटिक्स पर इस तरह की अनेकों कार्यशालाएं की है। कार्यक्रम के दौरान डॉ. आशीष एवं उनकी टीम ने कॉस्मेटिक डेन्टिस्ट्री के अन्तर्गत चेहरे की सुदंरता को ज्यादा बढ़ाने के लिए विभिन्न विकल्पों के बारे में सभी प्रतिभागियों को समझाया। इस पाठ्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों को केमिकल पील्स, बोटॉक्स, लेजर हेयर रिडक्शन, डर्मल फिलर्स और अन्य फेशियल ऐस्थेटिक्स उपचार को सफलतापूर्वक एकीकृत करने के लिये तैयार करना है। मॉड्यूल के पहले दिन में प्रतिभागियों को स्कार रिवीजन सर्जरी, जैंथेलाजमा एक्सीजन, फेस पी.आर.पी. तथा मेसोथेरेपी से संबंधित प्रशिक्षण दिया गया। प्रतिभागियों को स्कार के आकलन, सर्जिकल करेक्शन, एस्थेटिक टिश्यू मैनेजमेंट, सटीक एक्सीजन, घाव की सिलाई तथा पुनर्निर्माण संबंधी तकनीकी एवं मेसोथेरेपी की व्यावहारिक तकनीकों का प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
इस कार्यक्रम के माध्यम से सभी प्रतिभागियों को सर्वश्रेष्ठ फेशियल एस्थेटिक्स उपचार के बारे में ज्ञान प्राप्त हुआ जिसके लिये सभी ने आई.टी.एस-द एजुकेशन ग्रुप के चेयरमैन डॉ. आर.पी. चड्ढा तथा वाईस चेयरमैन अर्पित चड्ढा को धन्यवाद दिया।। इस पाठ्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों को केमिकल पील्स, बोटॉक्स, लेजर हेयर रिडक्शन, डर्मल फिलर्स और अन्य फेशियल ऐस्थेटिक्स उपचार को सफलतापूर्वक एकीकृत करने के लिये तैयार करना है।
मॉड्यूल के पहले दिन में प्रतिभागियों को स्कार रिवीजन सर्जरी, जैंथेलाजमा एक्सीजन, फेस पी.आर.पी. तथा मेसोथेरेपी से संबंधित प्रशिक्षण दिया गया। प्रतिभागियों को स्कार के आकलन, सर्जिकल करेक्शन, एस्थेटिक टिश्यू मैनेजमेंट, सटीक एक्सीजन, घाव की सिलाई तथा पुनर्निर्माण संबंधी तकनीकी एवं मेसोथेरेपी की व्यावहारिक तकनीकों का प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
दूसरे दिन में बोटॉक्स, फिलर्स, लिप रिडक्शन एवं ईयर लोब रिपेयर प्रक्रियाओं पर ध्यान केंद्रित किया गया। इस दौरान प्रतिभागियों को चेहरे का मूल्यांकन, एस्थेटिक उपचार प्लानिंग, पलकों को सुंदर बनाना, चीन को सुंदर बनाना, चेहरे की कंटूरिंग तथा टिश्यू मैनेजमेंट जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष ध्यान दिया गया।
तीसरे दिन में मेडिफेशियल्स, केमिकल पील्स, लिप ब्लश, एलोपेशिया एवं संबंधित औषधियों पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया। प्रतिभागियों को स्माइल एवं फेशियल एस्थेटिक असेसमेंट, होंठों की आकृति में सुधार तथा चेहरे को सुंदर बनाना की तकनीकों का व्यापक व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
चौथे दिन में फेशियल संबंधी समस्याओं के वर्तमान प्रबंध में एडवांस्ड बोटॉक्स एवं एक्सोसोम के अनुप्रयोगों पर विस्तार प्रशिक्षण दिया गया। इसके पश्चात सभी प्रतिभागियों के लिए एक समापन एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जिसमें पाठ्यक्रम के सफलतापूर्वक पूर्ण होने पर प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। समारोह के दौरान आई.टी.एस-द एजुकेशन ग्रुप के चेयरमैन डॉ. आर.पी. चड्ढा तथा वाईस चेयरमैन, अर्पित चड्ढा द्वारा सभी प्रतिभागियों को डेंटोमैक्स इंटरनेशनल एकेडमी और प्रोफी विश्वविद्यालय, उज्बेकिस्तान की ओर से फेशियल एस्थेटिक्स फैलोशिप प्रदान की गई। डॉ. आशीष ने विद्यार्थियों और अन्य दंत चिकित्सकों के लिये इस तरह के ज्ञानवर्धक मंच के आयोजन के लिये संस्थान को धन्यवाद दिया।

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