- बच्चे की प्रगति केवल अंकों से नहीं आँकी जा सकती: सीडीओ
- 50 से अधिक जनपद स्तरीय अधिकारियों ने विद्यालयों में ढळट में प्रतिभाग किया
अभिभावकों की भागीदारी से ही बच्चों की पढ़ाई मजबूत होती है: ओ.पी. यादव
गाजियाबाद। जनपद गाजियाबाद के सभी परिषदीय विद्यालयों में मेगा PTM आयोजित की गई। ढळट में अभिभावकों को उनके बच्चों का समग्र प्रगति कार्ड (Holistic Progress Card) दिखाया गया।
PTM की गुणवत्ता देखने और विद्यालयों में अपनाई जा रही अच्छी पहलों को समझने के लिए जनपद प्रशासन ने 50 से अधिक जनपद स्तरीय अधिकारियों को 59 विद्यालयों में नामित किया था। मुख्य विकास अधिकारी कुमार सौरभ ने कंपोजिट विद्यालय मधुबन बापूधाम में आयोजित PTM में भाग लिया। उन्होंने अभिभावकों से सीधे बात की, बच्चों के प्रगति कार्ड देखे और शिक्षकों से बच्चों की पढ़ाई के बारे में चर्चा की। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा, बच्चे की प्रगति केवल अंकों से नहीं आँकी जा सकती। समग्र प्रगति कार्ड से अभिभावक यह जान पाते हैं कि उनका बच्चा पढ़ाई के साथ-साथ व्यवहार, आत्मविश्वास और शारीरिक विकास में कैसे आगे बढ़ रहा है। जब अभिभावक और शिक्षक मिलकर काम करेंगे, तभी हर बच्चा निपुण बनेगा।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ओ.पी. यादव ने प्राथमिक विद्यालय तिबरा 2 और जिला विद्यालय निरीक्षक बुद्ध प्रिय सिंह ने प्राथमिक विद्यालय नंगला में PTM में भाग लिया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने कहा, अभिभावकों की भागीदारी से ही बच्चों की पढ़ाई मजबूत होती है। आज बड़ी संख्या में अभिभावक विद्यालय आए और उन्होंने अपने बच्चों की प्रगति में रुचि दिखाई। विभाग आगे भी नियमित रूप से ऐसी PTM आयोजित करेगा।
इसके अलावा समाज कल्याण, कृषि, पंचायती राज, लोक निर्माण, सिंचाई, जिला उद्योग केन्द्र और खण्ड विकास कार्यालयों के अधिकारी भी शामिल रहे। अधिकारियों ने अभिभावकों से बात की और विद्यालयों में चल रही अच्छी पहलों पर शिक्षक एवं अभिभावकों से चर्चा की।
PTM में शामिल हुईं एक अभिभावक ने बताया कि उन्हें यह देखकर बेहद खुशी हुई कि उनका बच्चा अब अधिकारियों और मेहमानों के सामने बिना किसी झिझक के आत्मविश्वास से बात कर पा रहा है। उन्होंने कहा कि विद्यालय में बच्चों के प्रदर्शन को देखकर उन्हें गर्व महसूस हुआ। वहीं दूसरी ओर, बच्चे भी अपने अभिभावकों को स्कूल में देखकर बेहद उत्साहित नजर आए। उन्होंने जनपद स्तरीय अधिकारियों के साथ भी बिना किसी हिचकिचाहट के बातचीत की, जिससे विद्यालय में एक उत्सवपूर्ण माहौल बन गया।



