महापुरुषों के विचारों एवं सिद्धांतों का अनुसरण कर देश को स्वच्छ एवं विकसित बनाने में योगदान दें: जिलाधिकारी

  • जिलाधिकारी की अध्यक्षता में महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री की जयंती मनाई

गाजियाबाद। कलैक्ट्रेट परिसर में जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मादड़ की अध्यक्षता एवं नेतृत्व में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती मनाई गई। इस दौरान जिलाधिकारी द्वारा महात्मा गांधी जी के चित्र का अनावरण किया गया तथा महात्मा गांधी जी एवं लाल बहादुर शास्त्री जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया गया। इस अवसर पर एडीएम ई श्रीमती ज्योति मौर्या, एडीएम एफ/आर अंजनी कुमार सिंह, एडीएम एल/ए अवनीश सिंह, एडीएम सिटी विकास कश्यप, एडीएम जे श्रीमती अंजली गंगवार, सिटी मजिस्ट्रेट सतीश चन्द्र त्रिपाठी, एसडीएम राजेन्द्र, डीआईओ योगेन्द्र प्रताप सिंह, आबकारी अधिकारी संजय सिंह, डीएसओ अमित तिवारी सहित समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी द्वारा पुष्पांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम का मंच संचालन प्रमोद कुमार द्वारा किया गया।

महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री के जीवन एवं सिद्धांतों पर प्रकाश डाला

सभी अधिकारी एवं कर्मचारियों द्वारा पुष्पांजलि अर्पित करने के पश्चात शासनादेश के क्रम में श्रीराम भजन प्रस्तुत किया गया। तदुपरांत आबकारी अधिकारी, सिटी मजिस्ट्रेट, एडीएम ई सहित अन्य अधिकारियों द्वारा महात्मा गांधी जी एवं लाल बहादुर शास्त्री जी के जीवन परिचय एवं सिद्धांतों पर प्रकाश डालते हुए उनसे सीख लेने तथा उनके सिद्धांतों को आत्मसात करने का आह्वान किया गया।

जिलाधिकारी ने महापुरुषों के विचारों एवं सिद्धांतों को आत्मसात करने का किया आह्वान

जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मादड़ द्वारा सर्वप्रथम महात्मा गांधी जी एवं लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती की सभी को शुभकामनाएं प्रेषित की गईं। उन्होंने गांधी जी और शास्त्री जी के विचारों एवं सिद्धांतों को सर्वश्रेष्ठ बताते हुए कहा कि वर्तमान में हमारा देश महापुरुषों के विचारों एवं सिद्धांतों का अनुसरण कर रहा है, जिसका परिणाम यह है कि आज देश में शांति एवं खुशहाली है और देश निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि हम सभी को महापुरुषों के विचारों का अनुसरण करते हुए उनके सिद्धांतों को आत्मसात करना चाहिए। हमें अपने आस-पास स्वच्छता एवं शुद्धता का वातावरण बनाए रखना चाहिए तथा दूसरों को भी इसका अनुसरण करने के लिए प्रेरित करना चाहिए। हम सभी को देशहित, पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, जनहित एवं स्वच्छ वातावरण के निर्माण सहित अन्य जनकल्याणकारी कार्यों में अपना सक्रिय सहयोग देना चाहिए।

जिलाधिकारी ने दिलाई स्वच्छता की शपथ

जिलाधिकारी ने अपने सम्बोधन के उपरान्त सभी को शपथ दिलाते हुए कहा कि महात्मा गाँधी ने जिस भारत का सपना देखा था उसमें सिर्फ राजनैतिक आजादी ही नहीं थी, बल्कि एक स्वच्छ एवं विकसित देश की कल्पना भी थी। महात्मा गाँधी ने गुलामी की जंजीरों को तोड़कर माँ भारती को आजाद कराया। अब हमारा कर्तव्य है कि गंदगी को दूर करके भारत माता की सेवा करें। मैं शपथ लेता हूँ कि मैं स्वयं स्वच्छता के प्रति सजग रहूँगा और उसके लिये समय दूँगा। हर वर्ष 100 घण्टे यानी हर सप्ताह 2 घण्टे श्रमदान करके स्वच्छता के इस संकल्प को चरितार्थ करूँगा। मैं न गन्दगी करूँगा न किसी को करने दूँगा। सबसे पहले मैं स्वयं से, मेरे परिवार से, मेरे मुहल्ले से, मेरे गाँव से एवं मेरे कार्य स्थल से शुरूआत करूँगा। मैं मानता हूँ कि दुनिया के जो भी देश स्वच्छ दिखते हैं उसका कारण यह है कि वहाँ के नागरिक गन्दगी नहीं करते और न ही होने देते हैं। इस विचार के साथ मैं गाँव-गाँव और गली-गली स्वच्छ भारत मिशन का प्रचार करूँगा। मैं आज जो शपथ ले रहा हूँ, वह अन्य 100 व्यक्तियों से भी करवाऊँगा। वे भी मेरी तरह स्वच्छता के लिए 100 घण्टे दें, इसके लिए प्रयास करूँगा। मुझे मालूम है कि स्वच्छता की तरफ बढ़ाया गया मेरा एक कदम पूरे भारत देश को स्वच्छ बनाने में मदद करेगा।

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