राष्ट्रीय एवं राज्य आपदा मोचन बल का लक्ष्य आमजन की सेवा एवं जीवन की रक्षा करना है : पीयूष आनंद

  • 8वीं वाहिनी NDRF, गाजियाबाद में द्वितीय राष्ट्रीय SDRF CBRN प्रतियोगिता–2026 का समापन

गाजियाबाद: राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) द्वारा 8वीं वाहिनी NDRF, गाजियाबाद में आयोजित द्वितीय राष्ट्रीय SDRF CBRN प्रतियोगिता–2026 का समापन समारोह संपन्न हुआ। यह प्रतियोगिता दिनांक 02 नवंबर से 04 नवंबर 2026 तक आयोजित की गई। इस अवसर पर पीयूष आनंद, IPS, महानिदेशक, NDRF मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य CBRN (रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल एवं परमाणु) आपातकालीन परिस्थितियों में SDRF के कार्मिकों की परिचालन क्षमता, तकनीकी दक्षता, त्वरित प्रतिक्रिया एवं आपसी समन्वय को सुदृढ़ करना है, ताकि किसी भी आपदा के दौरान जन-जीवन एवं संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में देश के 19 राज्यों की राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) टीमों ने क्षेत्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लिया। इन 19 टीमों में से राजस्थान, बिहार, हरियाणा, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश एवं गुजरात की कुल 08 SDRF टीमों का चयन अंतिम प्रतियोगिता के लिए किया गया। इन चयनित टीमों के बीच दिनांक 02 से 04 नवंबर 2026 तक 8वीं वाहिनी NDRF, गाजियाबाद में फाइनल प्रतियोगिता आयोजित की गई। अंतिम चरण के प्रदर्शन के आधार पर शीर्ष तीन SDRF टीमों का चयन किया गया तथा समापन समारोह के अवसर पर उन्हें सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए महानिदेशक NDRF पीयूष आनंद ने ‘टीम इंडिया’ की परिकल्पना पर जोर देते हुए कहा कि सभी राष्ट्रीय एवं राज्य आपदा मोचन बल एक साझा उद्देश्य के साथ कार्य करते हैं, जिसका लक्ष्य आमजन की सेवा एवं जीवन की रक्षा करना है। उन्होंने कहा कि NDRF एवं SDRF के बीच नियमित संयुक्त प्रतियोगिताएं, सहयोगात्मक प्रशिक्षण तथा आपसी अनुभवों एवं ज्ञान का आदान-प्रदान परिचालन संबंधी कमियों को दूर करने, विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय को बढ़ावा देने तथा आधुनिक आपदा चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने हेतु तकनीकी क्षमताओं को निरंतर उन्नत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल एवं परमाणु (CBRN) आपातकालीन परिस्थितियों की विशिष्ट चुनौतियों को रेखांकित करते हुए महानिदेशक NDRF ने कहा कि ये ऐसे अदृश्य खतरे हैं, जिनके प्रारंभिक संकेत आसानी से दिखाई नहीं देते। ऐसी परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए नियमित एवं गहन अभ्यास अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने बताया कि आपदा के दौरान अत्यधिक दबाव वाली परिस्थितियों में जीवनरक्षक प्रक्रियाओं एवं उपकरणों के संचालन का अभ्यास इस स्तर तक होना चाहिए कि वे कार्मिकों की कार्यप्रणाली का स्वाभाविक हिस्सा बन जाएं, जिससे वे चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी त्वरित, सटीक एवं सुरक्षित बचाव कार्य सुनिश्चित कर सकें। इस अवसर पर नरेंद्र सिंह बुंदेला, IPS, महानिरीक्षक, NDRF सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी, NDRF के बचावकर्मी एवं मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

राष्ट्रीय स्तर की CBRN प्रतियोगिता के विजेता

प्रथम स्थान
तमिलनाडु SDRF

₹1,00,000/- नकद पुरस्कार एवं ट्रॉफी।

द्वितीय स्थान
उत्तराखंड SDRF

₹75,000/- नकद पुरस्कार एवं ट्रॉफी।

तृतीय स्थान
बिहार SDRF

₹50,000/- नकद पुरस्कार एवं ट्रॉफी।

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