गाजियाबाद: आई.टी.एस – द एजुकेशन ग्रुप के चेयरमैन डॉ. आर. पी. चड्ढा, आशीर्वाद तथा वाइस चेयरमैन अर्पित चड्ढा के मार्गदर्शन में आई.टी.एस स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के पीजीडीएम विद्यार्थियों के परिवर्तन क्लब द्वारा सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के अंतर्गत समय-समय पर जरूरतमंद बच्चों को आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने के प्रयास किए जाते हैं। इसी पहल को आगे बढ़ाते हुए संस्थान में 27 से 29 अक्टूबर 2026 तक साहिबाबाद, गाजियाबाद क्षेत्र के वंचित बच्चों के लिए तीन दिवसीय दान शिविर आयोजित किया गया।
इस अभियान के अंतर्गत 4 नवंबर 2026 को पीजीडीएम विद्यार्थियों ने बच्चों के बीच वस्त्र, चिप्स, बिस्कुट, चॉकलेट, कपकेक तथा अध्ययन सामग्री वितरित की। अध्ययन सामग्री में नोटबुक, पेंसिल, रबर, शार्पनर और पुस्तकें शामिल थीं। यह सामग्री 27 से 29 अक्टूबर 2026 तक आयोजित दान शिविर के दौरान आई.टी.एस. परिवार के सदस्यों (ITSians) द्वारा उदारतापूर्वक दान की गई थी। सामग्री प्राप्त करने पर बच्चों ने सभी दानदाताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम की शुरुआत में स्वयंसेवकों ने बच्चों की व्यक्तिगत स्वच्छता एवं साफ-सफाई का ध्यान रखने के महत्व पर बातचीत की। समय पर तथा साफ-सुथरे रूप में पहुंचने वाले बच्चों को प्रोत्साहन स्वरूप टॉफियां भी दी गईं। विद्यार्थियों ने बच्चों को दान के महत्व के बारे में बताया और प्रेरित किया कि भविष्य में यदि उनके पास कोई अतिरिक्त उपयोगी वस्तु हो, तो वे उसे जरूरतमंद व्यक्ति के साथ साझा करें। कार्यक्रम के अंत में बच्चों को फ्रूट केक, चॉकलेट और चिप्स के पैकेट वितरित किए गए।
इस गतिविधि में विद्यार्थी स्वयंसेवक प्रिंस मिश्रा, सृष्टि हंस ओझा, सत्यम, व्रस्ती जैन, अमृत सिंघल, प्रीशा शर्मा, वंश जिंदल, सलोनी, अर्पित भारद्वाज और अभिषेक यादव ने सक्रिय सहभागिता की।
आई.टी.एस स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के निदेशक डॉ. अजय कुमार ने पीजीडीएम विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि वंचित बच्चों के लिए दान शिविर का सफल आयोजन करने में विद्यार्थियों का समर्पण प्रेरणादायक है और उनका सामूहिक प्रयास सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
इस पूरी गतिविधि में प्रो. आशुतोष शर्मा ने विद्यार्थी स्वयंसेवकों का मार्गदर्शन किया। कार्यक्रम के अनुभव से सभी विद्यार्थी प्रसन्न एवं संतुष्ट दिखाई दिए। परिवर्तन क्लब की यह पहल विद्यार्थियों में सामाजिक संवेदनशीलता, सहयोग और जरूरतमंदों के प्रति जिम्मेदारी की भावना को प्रोत्साहित करने का प्रयास है।

