गाजियाबाद। लोनी नंबर 2 के पास किसी असामाजिक तत्वों द्वारा संविधान निर्माता डा. बीआर अंबेडकर की मूर्ति खंडित कर देना अक्षम्य अपराध है। पुलिस को इस घटना की ओर समुचित कार्रवाई कर इस तरह का घृणित कार्य करने वाले के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। यह कहना है कि समाजसेवी और भाकियू अनाज के जिला अध्यक्ष दक्ष नागर का।
उन्होंने कहा कि बाबा साहेब किसी एक वर्ग विशेष या धर्म संप्रदाय के व्यक्ति नहीं थे, डॉ आंबेडकर ने सभी वर्गों के लिए, सभी की भलाई के लिए कार्य किया था। उनकी मूर्ति तोड़ा जाना अक्षम्य अपराध की श्रेणी में आता है।
उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति सार्वजनिक हित का कार्य करता है, वह सभी का हो जाता है, जिस तरह से उनके प्रति कुछ लोग द्वेष रखकर उनकी मूर्ति खंडित करने का कार्य कर रहे हैं, यह उनकी मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि उनकी मूर्ति खंडित करने का कार्य कर करने से किसी का भला होने वाला नहीं है, हां जिस व्यक्ति ने यह कार्य किया है, उसकी मानसिकता का अवश्य ही पता चलता है। उन्होंने एक वाक्य शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो का नारा दिया था, जो सभी के लिए है। कोई भी व्यक्ति शिक्षित बनाकर अपने अधिकार को पहचान सकता है तथा संविधान के तहत उस अधिकार की मांग कर कर सकता है, जो आज हम सबके लिए प्रेरणा स्रोत है, तथा हमको हमारा अधिकार दिलाने का कार्य कर रहा है।

