- हरित विकास एवं स्वच्छता की सराहना की

गाजियाबाद। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार माँदड़ द्वारा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अंतर्गत ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे (एनई-2) स्थित दुहाई टोल प्लाजा का स्वच्छता, हॉर्टिकल्चर एवं समग्र प्रबंधन व्यवस्था के दृष्टिगत निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान टोल प्लाजा परिसर में विकसित हरित एवं पर्यावरण संरक्षण से संबंधित पहलों की विशेष रूप से सराहना की गई।
निरीक्षण के दौरान मियावाकी पद्धति पर आधारित नेटिव डेंस फॉरेस्ट परियोजना प्रमुख आकर्षण का केंद्र रही। इस पद्धति के अंतर्गत लगाए गए वृक्ष पारंपरिक वृक्षारोपण की तुलना में लगभग 10 गुना तेजी से बढ़ते हैं तथा 30 गुना अधिक घने होते हैं। साथ ही यह वन क्षेत्र जैव विविधता को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
जिलाधिकारी ने बताया कि घनी आबादी वाले शहरी क्षेत्रों में इस प्रकार के हरित क्षेत्र ध्वनि एवं धूल अवरोधक (साउंड एवं डस्ट बैरियर) के रूप में प्रभावी सिद्ध होते हैं तथा पक्षियों के घोंसलों एवं प्राकृतिक आवास के विकास में भी सहायक हैं। परियोजना के अंतर्गत कुल 26.39 एकड़ भूमि पर लगभग 1,63,305 पौधों का रोपण किया गया है। रोपित प्रमुख प्रजातियों में नीम, साइकामोर, अर्जुन, जामुन, कचनार, अमरूद, करंज, फीनिक्स फ्लावर, कैथा, शहतूत, अशोक, ट्रम्पेट, कैलिस्टेमन, महानिंबा, चाकरेसिया, आम, कदंब, इमली एवं चाइनीज फैन पाम शामिल हैं।
निरीक्षण के दौरान बांस से निर्मित क्रैश बैरियर की अभिनव अवधारणा का भी अवलोकन किया गया। यह पहल भारत में राजमार्गों पर स्टील क्रैश बैरियर के विकल्प के रूप में विकसित की जा रही है। बांस आधारित ये क्रैश बैरियर यूरोपीय सुरक्षा मानकों के अनुरूप विकसित किए गए हैं तथा भारत में पेटेंट भी किए गए हैं।
जिलाधिकारी ने बताया कि इन बैरियरों के उपयोग से निर्माण लागत में लगभग 20 प्रतिशत तक कमी आने की संभावना है। इसके अतिरिक्त बांस पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से भी अत्यंत उपयोगी है, क्योंकि यह अधिक मात्रा में कार्बन डाइआॅक्साइड को अवशोषित कर अधिक आॅक्सीजन प्रदान करता है। बांस की जड़ें मिट्टी के कटाव को रोकने एवं जल संरक्षण में भी सहायक होती हैं।
निरीक्षण के दौरान सार्वजनिक शौचालय स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित पाए गए। इंटरचेंज क्षेत्र एवं आसपास के स्थानों का रखरखाव भी अत्यंत संतोषजनक पाया गया, जो बेहतर प्रबंधन एवं स्वच्छता व्यवस्था को दर्शाता है। टोल प्लाजा परिसर में राष्ट्रप्रेम एवं सकारात्मक वातावरण को बढ़ावा देने हेतु राष्ट्रीय गीतों का प्रसारण भी किया जा रहा है, जिससे यात्रियों एवं आमजन में देशभक्ति एवं राष्ट्रीय एकता की भावना विकसित हो रही है। जिलाधिकारी महोदय द्वारा निरीक्षण के दौरान वृक्षारोपण भी किया गया। उन्होंने एनई-2 दुहाई टोल प्लाजा पर स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास एवं उत्कृष्ट प्रबंधन व्यवस्था की सराहना करते हुए संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाओं को निरंतर और बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अरविंद कुमार, परियोजना निदेशक, गाजियाबाद, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारीगण एवं TOT Concessionaire NCR EPE के प्रतिनिधि आदि उपस्थित रहे।

