“इनोवेशन टू एंटरप्रेन्योरशिप” – I.T.S स्कूल ऑफ मैनेजमेंट, द्वारा स्टार्टअप चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के सहयोग से IGNITE 2026 का आयोजन

गाजियाबाद: I.T.S स्कूल ऑफ मैनेजमेंट ने स्टार्टअप चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (SCCI) के सहयोग से द्रोणाचार्य ऑडिटोरियम में PGDM विद्यार्थियों के लिए “इनोवेशन टू एंटरप्रेन्योरशिप” विषय पर विशेष नेतृत्व व्याख्यान IGNITE 2026 का आयोजन किया। इस सत्र का उद्देश्य विद्यार्थियों को नवाचार, उद्यमिता, नेतृत्व तथा स्टार्टअप इकोसिस्टम के संबंध में सार्थक एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना था।
इस कार्यक्रम में SCCI के प्रतिष्ठित पदाधिकारियों एवं विशेषज्ञों ने सहभागिता की। इनमें डॉ. शंकर गोयनका, अध्यक्ष, SCCI; सीए सुनील गर्ग, उपाध्यक्ष, SCCI; सीए नितिन मित्तल, चार्टर्ड अकाउंटेंट एवं बिजनेस मेंटर; सीए सुनील गुप्ता, स्टार्टअप मेंटर; एडवोकेट अंकित गर्ग, स्टार्टअप मेंटर; तथा सुश्री गीता गांधी, स्टार्टअप मेंटर शामिल रहे।
अर्पित चड्ढा, उपाध्यक्ष, I.T.S – द एजुकेशन ग्रुप ने विद्यार्थियों को अपने नवाचारी विचारों को सामने लाने, अनुभवी मार्गदर्शकों से परामर्श प्राप्त करने तथा विकसित भारत 2047 के निर्माण में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया।
प्रो. (डॉ.) अजय कुमार ने सभी विशिष्ट अतिथियों का स्वागत किया तथा विद्यार्थियों को ऊँचे लक्ष्य निर्धारित करने और संस्थान द्वारा उपलब्ध कराए गए अवसरों का सदुपयोग करते हुए अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित किया।
डॉ. शंकर गोयनका, अध्यक्ष, SCCI ने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि केवल एक विचार के आधार पर सफल स्टार्टअप का निर्माण नहीं किया जा सकता। इसके लिए प्रभावी क्रियान्वयन, संवाद कौशल, दृढ़ संकल्प, सक्रिय पहल तथा स्पष्ट लक्ष्य निर्धारण भी आवश्यक हैं। उन्होंने भावी उद्यमियों के लिए सफलता का एक व्यावहारिक सूत्र भी साझा किया।
सीए सुनील गर्ग, उपाध्यक्ष, SCCI ने केस स्टडी और व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में स्टार्टअप की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उनके व्याख्यान में स्टार्टअप इंडिया, सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP), क्रय शक्ति समता (Purchasing Power Parity), महिला उद्यमिता तथा आर्थिक विकास में स्टार्टअप के योगदान जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल रहे।
सीए नितिन मित्तल, बिजनेस मेंटर ने प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की स्थापना से संबंधित प्रक्रियाओं, कानूनी अनुपालनों, निवेश संरचनाओं तथा आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी दी। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे सहयोग के अंतर्गत स्टार्टअप पंजीकरण, बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR), ट्रेडमार्क संरक्षण, कर संबंधी लाभ तथा नेटवर्किंग के अवसरों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को किसी भी उद्यम की शुरुआत करने से पहले अपने विचारों पर शोध करने तथा उनकी व्यवहार्यता का आकलन करने की सलाह दी।
सुश्री गीता गांधी, स्टार्टअप मेंटर ने युवा उद्यमियों के लिए विचार निर्माण के प्रारंभिक चरण से ही उपलब्ध सरकारी योजनाओं तथा वित्तपोषण के विभिन्न अवसरों के बारे में जानकारी प्रदान की।
विशिष्ट वक्ताओं के संबोधनों के पश्चात, I.T.S स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के ई-सेल (E-Cell) का औपचारिक उद्घाटन I.T.S – द एजुकेशन ग्रुप के उपाध्यक्ष के नेतृत्व तथा संस्थान के निदेशक के मार्गदर्शन में प्रतिष्ठित अतिथियों द्वारा किया गया। यह पहल विद्यार्थियों के बीच नवाचार, उद्यमशील सोच, मार्गदर्शन तथा स्टार्टअप विकास को प्रोत्साहित करने के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करती है।
इस सत्र ने विद्यार्थियों को उद्यमिता को “नौकरी तलाशने वालों से रोजगार सृजित करने वालों” के रूप में विकसित होने के अवसर के रूप में देखने के लिए प्रेरित किया। साथ ही, इस बात पर बल दिया गया कि नवाचारी विचारों को व्यावहारिक कार्ययोजना, सफल एवं व्यवहार्य उद्यमों तथा भारत के उद्यमशील इकोसिस्टम में सार्थक योगदान में परिवर्तित करना अत्यंत आवश्यक है।

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