33 जनपदों में राज्य स्तरीय मॉक एक्सरसाइज, 8वीं वाहिनी NDRF ने किया सयुंक्त अभ्यास

  • ट्रेन दुर्घटना, भूकंप, CBRN एवं CSSR आधारित परिदृश्यों में हुआ संयुक्त अभ्यास

गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश में आपदा एवं आपातकालीन परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारियों को परखने के उद्देश्य से राज्य स्तरीय मॉक एक्सरसाइज का आयोजन प्रदेश के 33 जनपदों में एक साथ किया गया। 8वीं वाहिनी राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), गाजियाबाद की टीमों ने गाजियाबाद, मुरादाबाद, नोएडा, संभल, शाहजहांपुर, बुलंदशहर, बागपत, मेरठ, मुजफ्फरनगर एवं हापुड़ सहित विभिन्न जनपदों में निर्धारित आपदा परिदृश्यों के अनुरूप सक्रिय सहभागिता की।
अभ्यास के दौरान ट्रेन दुर्घटना, भूकंप, CBRN (रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल एवं परमाणु आपात स्थिति) तथा CSSR (Collapsed Structure Search and Rescue) जैसे विभिन्न आपदा परिदृश्यों को तैयार किया गया। NDRF टीमों द्वारा घटनास्थल पर त्वरित पहुंच, खोज एवं बचाव, मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने, घायलों के रेस्क्यू तथा आवश्यक राहत कार्यों का व्यावहारिक अभ्यास किया गया।
मॉक एक्सरसाइज में जिला प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन सेवा, होमगार्ड, सिविल डिफेन्स, आपदा मित्र सहित विभिन्न विभागों एवं संबंधित एजेंसियों ने सक्रिय भागीदारी की।
अभ्यास के दौरान संचार व्यवस्था, त्वरित प्रतिक्रिया, खोज एवं बचाव क्षमता, चिकित्सा सहायता, संसाधनों की उपलब्धता तथा विभागीय समन्वय का परीक्षण किया गया। अभ्यास से प्राप्त अनुभवों एवं संभावित कमियों का आकलन कर भविष्य में राहत एवं बचाव कार्यों को और अधिक त्वरित, सुरक्षित एवं प्रभावी बनाने पर बल दिया गया।
गाजियाबाद के इंदिरापुरम में आयोजित मॉक अभ्यास में 8वीं वाहिनी कमांडेंट सुदेश कुमार ने स्वयं प्रतिभाग कर अभ्यास का निरीक्षण किया तथा प्रतिभागी टीमों का मार्गदर्शन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि “NDRF किसी भी प्राकृतिक अथवा मानवजनित आपदा से निपटने के लिए हर समय पूरी तत्परता और क्षमता के साथ तैयार रहती है। ऐसे संयुक्त मॉक अभ्यास हमारी तैयारियों को व्यवहारिक रूप से परखने के साथ-साथ विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय, त्वरित प्रतिक्रिया और प्रभावी राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।”
33 जनपदों में एक साथ आयोजित इस राज्य स्तरीय संयुक्त मॉक एक्सरसाइज ने वास्तविक आपदा की स्थिति में NDRF, जिला प्रशासन एवं विभिन्न विभागों की बहु-एजेंसी प्रतिक्रिया क्षमता को व्यवहारिक रूप से परखने का अवसर प्रदान किया। अभ्यास के माध्यम से बेहतर तालमेल, प्रभावी संचार और त्वरित राहत एवं बचाव कार्रवाई सुनिश्चित करने की तैयारियों को और मजबूत किया गया।

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