केंद्रीय गुप्तचर प्रशिक्षण संस्थान में तीन दिवसीय आतंकवाद निरोध, कट्टर पंथ उन्मूलन एवं वैलेडिक्टरी समारोह संपन्न

  • क्षेत्रीय सहयोग, खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान, तकनीकी तैयारी व सुरक्षा एजेंसियों के मध्य हो समन्वय
  • आतंकवाद, साइबर कट्टर पंथ, आतंक वित्त पोषण व अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियों पर हुई विस्तार से चर्चा
  • बांग्लादेश, मालदीव, मॉरीशस, सेशेल्स,श्रीलंका के 9 सहित भारतीय सुरक्षा संगठनों के 30 अधिकारियों ने लिया भाग

गाजियाबाद। केंद्रीय गुप्तचर प्रशिक्षण संस्थान (सीडीटीआई), गाजियाबाद द्वारा पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो (बीपीआरएंडडी), गृह मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय पाठ्यक्रम आतंकवाद निरोध एवं कट्टरपंथ उन्मूलन का समापन एवं वैलेडिक्टरी समारोह बुधवार की शाम संस्थान परिसर में सम्पन्न हो गया। समापन सत्र के मुख्य अतिथि आईपीएस आर जे लोक्कू (अपर महानिदेशक, बीपीआरएंडडी) रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कार्यक्रम के सफल आयोजन की सराहना करते हुए आतंकवाद, साइबर कट्टर पंथ, आतंक वित्त पोषण तथा अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियों की बढ़ती जटिलताओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने उभरते खतरों से प्रभावी ढंग से निपटने हेतु क्षेत्रीय सहयोग, खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान, तकनीकी तैयारी तथा सुरक्षा एजेंसियों के मध्य समन्वित प्रतिक्रिया तंत्र की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम के दौरान आईपीएस डॉ. सचिन गुप्ता (निदेशक, सीडीटीआई गाजिÞयाबाद) ने मुख्य अतिथि को सम्मान स्वरूप पुष्पगुच्छ एवं स्मृति स्वरूप पौधा भेंट किया तथा पाठ्यक्रम के उद्देश्यों, संरचना एवं उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी दी पाठ्यक्रम में संरचना एवं उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने अवगत कराया कि इस कार्यक्रम में कोलंबो सिक्योरिटी कॉन्क्लेव के सदस्य देशों— बांग्लादेश, मालदीव, मॉरीशस, सेशेल्स एवं श्रीलंका के 9 अधिकारियों सहित भारतीय पुलिस सेवा, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, प्रवर्तन एजेंसियों तथा अन्य सुरक्षा संगठनों के कुल 30 अधिकारियों ने सक्रिय सहभागिता की।
तीन दिवसीय कार्यक्रम के दौरान विभिन्न प्रमुख सुरक्षा एवं प्रवर्तन एजेंसियों के विशेषज्ञों एवं अनुभवी अधिकारियों द्वारा महत्वपूर्ण विषयों पर व्याख्यान दिए गए। कट्टरपंथ, डी-रेडिकलाइजेशन, सीमा पार आतंकवाद, प्रॉक्सी युद्ध ,वैश्विक आतंकवाद , समुद्री आतंकवाद, साइबर आतंकवाद , डिजिटल कट्टरपंथ एवं आतंकवाद निरोधी जांच विषय पर व्याख्यान दिए गए तथा वित्तपोषण, मनी लॉन्ड्रिंग, हवाला नेटवर्क, शेल कंपनियों, क्रिप्टो करेंसी जांच, ब्लॉक चेन ट्रैकिंग तथा डार्कवेब लेनदेन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यावहारिक अभियानों के अनुभव साझा किए गए ।
कार्यक्रम का समापन पर डॉ. सचिन गुप्ता (आईपीएस, निदेशक, सीडीटीआई गाजिÞयाबाद) ने विदेशी प्रतिभागियों के प्रति उनकी सक्रिय सहभागिता एवं बहुमूल्य योगदान हेतु हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी इस प्रकार के अंतरराष्ट्रीय सहयोगात्मक प्रशिक्षण कार्यक्रम निरंतर आयोजित होते रहेंगे, जिससे सहभागी देशों के मध्य व्यावसायिक आदान-प्रदान, पारस्परिक सहयोग एवं उभरती सुरक्षा चुनौतियों से सामूहिक रूप से निपटने की प्रतिबद्धता और अधिक सुदृढ़ होगी।

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