- किसानों ने कहा- सर्किल रेट बढ़ाया जाना है हमारा हक
- सर्किल रेट का मामला पहुंचा हाईकोर्ट
गाजियाबाद। हरनंदीपुरम किसान संघर्ष समिति के बैनर तले किसानों की पंचायत हुई। बता दें कि गाजियाबाद प्राधिकरण द्वारा हरनंदीपुरम आवासीय योजना लाई जा रही है जिसमें आठ गांव मथुरापुर, नंगला मोहनपुर, शमशेर, चंपत नगर, भनेड़ा खुर्द, शाहपुर, मोरटा , भोवापुर की जमीन जीडीए आपसी सहमति के नाम पर ले रहा है, जिसके लिए किसानों ने पहले भी आपत्ति दर्ज कराई है और इस योजना का विरोध भी कर रहे है। किसानों का आरोप है कि वर्ष 2025 में जीडीए के कहने पर जिला प्रशासन ने डीएम कृषि भूमि सर्किल रेट नहीं बढ़ाए है जिसके लिए किसानों ने मंडलायुक्त व जिलाधिकारी से मिलकर इस विषय पर चर्चा की व ज्ञापन भी दिया लेकिन कोई कार्यवाही नहीं की गई। समिति के सचिव अजय चौधरी व सह कोषाध्यक्ष जगपाल चौधरी ने बताया कि समिति ने उच्च न्यायालय में सर्किल रेट को लेकर पीआईएल डाली हैं जिसके लिए उच्च न्यायालय ने स्टांप प्रबंधन उत्तर प्रदेश, मंडलायुक्त,जिलाधिकारी गाजियाबाद व जीडीए वीसी से जवाब मांगा है जिसकी सुनवाई पांच मई को है। समिति के सह सचिव व जिलाध्यक्ष भाकियू दक्ष नागर ने कहा हमें न्यायालय पर पूरा भरोसा है न्यायालय हमेशा न्याय करती है और जीडीए की लूट के खिलाफ किसानों को जरूर सफलता मिलेगी। उन्होंने आगे कहा कि सर्किल रेट बढ़ाया जाना किसानों का हक है क्योंकि अधिग्रहण में सर्किल रेट की अहम भूमिका होती है। अमित प्रधान नंगला और रणवीर प्रधान ने एक स्वर में कहा कि किसान एकजुट है और हर तरह की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं। पंचायत की अध्यक्षता ओमपाल शर्मा ने व संचालन कृष्णपाल चौधरी ने किया। इस मौके पर एडवोकेट इंदरपाल, इंदरपाल चौधरी, लोकेंद्र चौधरी, राजू, अरविंद, अतुल, ओमपाल,लखमीचंद, बिजेंद्र, अवि चौधरी, आशीष चौधरी, ओमवीर,राजेंद्र चौधरी कैहरी,आदि सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।

