"नो पीयूसीसी नो फ्यूल" के अंतर्गत बैठक आहूतजनपद को भी अपना घर समझकर पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य करना चाहिए
गाज़ियाबाद। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मॉंदड़ की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में “नो पीयूसीसी नो फ्यूल” के अंतर्गत जनपद के समस्त पेट्रोलियम कंपनियों के सेल्स ऑफिसर्स एवं पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन, गाजियाबाद के पदाधिकारियों एवं सदस्यों के साथ बैठक आहूत की गई।
बैठक में जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मॉंदड़ ने जनपद के समस्त पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देशित किया कि अपने-अपने पेट्रोल पंपों पर एएनपीआर (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन) कैमरे अनिवार्य रूप से स्थापित कराए जाएं तथा उनकी कार्यशीलता सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने पीयूसीसी (पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट) से संबंधित नवीन व्यवस्था के प्रभावी अनुपालन के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दिनांक 01 अक्टूबर, 2026 से सभी पेट्रोल पंपों पर कार्यरत कर्मचारियों को इस व्यवस्था के संबंध में सक्रिय एवं प्रशिक्षित किया जाए तथा वैध पीयूसीसी प्रमाण-पत्र के बिना किसी भी वाहन को ईंधन उपलब्ध न कराया जाए।
इस अवसर पर जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मॉंदड़ ने कहा कि गाजियाबाद केवल प्रशासन का नहीं, बल्कि हम सभी का अपना जनपद है। जिस प्रकार हम अपने घर को स्वच्छ और सुरक्षित रखने के लिए स्वयं जिम्मेदारी लेते हैं, उसी भावना के साथ हमें अपने जनपद को भी अपना घर समझकर पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि हमारे घर में गंदगी हो जाती है तो हम उसे हटाने और अपने घर को स्वच्छ एवं सुरक्षित रखने के लिए किसी दूसरे का इंतजार नहीं करते, बल्कि स्वयं आगे बढ़कर उसे साफ करते हैं। ठीक इसी प्रकार गाजियाबाद की स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी भी हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
जिलाधिकारी ने कहा कि हमारा प्रयास केवल नियमों का पालन कराने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि गाजियाबाद को स्वच्छ, स्वस्थ एवं प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए जनभागीदारी की भावना से कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त वातावरण प्रत्येक नागरिक का अधिकार है और हमारा दायित्व है कि वर्तमान के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए भी बेहतर पर्यावरण सुनिश्चित करें, ताकि गाजियाबाद में प्रत्येक नागरिक को स्वच्छ हवा में सांस लेने का अवसर मिल सके।
उन्होंने पेट्रोल पंप संचालकों एवं कर्मचारियों से अपील की कि वे इस व्यवस्था को केवल सरकारी निर्देश न समझकर जनहित एवं पर्यावरण संरक्षण के अभियान के रूप में लें तथा अपने स्तर से भी लोगों को वैध पीयूसीसी प्रमाण-पत्र रखने और प्रदूषण नियंत्रण के प्रति जागरूक करें।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि उक्त व्यवस्था का सभी पेट्रोल पंप संचालकों एवं संबंधित कर्मचारियों द्वारा कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। साथ ही पेट्रोलियम कंपनियों के प्रतिनिधियों को निर्देशित किया कि वे अपने स्तर से सभी पेट्रोल पंप संचालकों एवं कर्मचारियों को आवश्यक जानकारी एवं प्रशिक्षण उपलब्ध कराते हुए व्यवस्था का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कराएं।
जिलाधिकारी ने मीडिया के माध्यम से भी जनता से की अपील
जिलाधिकारी ने मीडिया के माध्यम से सभी जनपद वासियों से अपील की कि अपनी गाड़ी को प्रदूषण मुक्त रखें, नियमित रूप से प्रदूषण की जांच कराएं और 30 सितंबर तक वैध पीयूसीसी सर्टिफिकेट अवश्य प्राप्त करें। गाजियाबाद को प्रदूषण मुक्त बनाने में अपनी जिम्मेदारी निभाएं।
बैठक में उपस्थित समस्त पेट्रोलियम कंपनियों के प्रतिनिधियों एवं पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन, गाजियाबाद के सदस्यों द्वारा जिलाधिकारी के निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित किए जाने हेतु अपनी सहमति व्यक्त की गई।
बैठक में मुख्य रूप से मुख्य विकास अधिकारी कुमार सौरभ, जिला सूचना अधिकारी योगेंद्र प्रताप सिंह, जिला आपूर्ति अधिकारी अमित तिवारी, एआरटीओ परिवहन अशोक श्रीवास्तव सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

